उरई-उरई । जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्जिंग से सम्बन्धित जिला तकनीकी समन्यवय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षा जल संचयन एवं भूजल रिचार्जिंग हेतु कारगर कदम उठाये जायें। जिससे भूगर्भ जल को नीचे जाने से रोका जा सके और वाटर लेविल ऊपर लाने में सफलता मिल सके। इसके लिए अधिक से अधिक चैकडेम पेरीफेरल बंड, अर्थनबंधी, कन्टूरबंध, परकोलेशन पाँड़ इनका निर्माण जनपद में उपलब्ध नाला, नदी तथा तालाबों का जीर्णाेद्धार/निर्माण कराकर जल संचयन कर जल स्तर को स्थिर बनाये रखा जा सकता है। इसके लिए सम्बन्धित विभाग डीपीआर तैयार करें और एक सप्ताह के अन्दर उसको अन्तिम रूप दें। साथ ही स्थलीय निरीक्षण भी कर लें। वाटर सैट सिद्वांन्त के आधार पर मास्टर रिचार्ज प्लान तैयार किया जाये तथा इनके उन्मुखीकरण हेतु कार्यशालयों का आयोजन किया जाये। कृषि विभाग, भूमि संरक्षण विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा निर्मित चैकडेमों की मरम्मत एवं आवश्यक कार्य 15 जून तक अनिवार्य रूप से करा लिये जायें। जिससे वर्षा होने पर इनमे जल संचयन की सुविधा हो सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एसपीसिंह, जिला प्रभागीय वनाधिकारी श्री बीआर अहिरवार, अधिशासी अभियन्ता, लघु सिंचाई, बेतवा नहर, जल निगम, उपनिदेशक, कृषि, उपनिदेशक भूमि संरक्षण, उप निदेशक राष्ट्रीय जलागम, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, परियोजना निदेशक डीआरडीए सहित खण्ड विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

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