
कोंच-उरई । अपनी मांगों को लेकर प्रांतीय आह्वïान पर जारी लेखपालों की हड़ताल प्रशासन की चेतावनी के बाद भी जारी रही। प्रशासन ने उन्हें तीन बजे तक की मोहलत काम पर बापिस लौटने के लिये दी थी लेकिन इस चेतावनी का लेखपालों पर राई रत्ती असर नहीं हुआ और उन्होंने यह कहते हुये काम पर लौटने से इंकार कर दिया कि प्रांतीय नेतृत्व जैसा निर्देश देगा उसी अनुरूप वह कार्य करेंगे। इधर, एसडीएम ने इस स्थिति को लेकर कहा है कि ुपर से उन्हें जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
सात जुलाई तक प्रस्तावित तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन के चौथे दिन भी लेखपालों की हड़ताल तहसील परिसर में जारी रही। इस हड़ताल से आम लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुये शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर के आदेश तथा एसडीएम कोंच लल्लनराम के निर्देश पर नायब तहसीलदार राकेश राजपूत ने शुक्रवार को लेखपालों को लिखित चेतावनी दी कि यदि आज ही तीन बजे तक वे काम पर नहीं लौटे तो उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। इस चेतावनी के बाद भी लेखपाल हड़ताल पर डटे रहे। लेखपाल संघ के अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह एवं मंत्री सुरेन्द्रसिंह ने कहा है कि उनकी हड़ताल प्रांतीय आह्वïान पर चल रही है, प्रांतीय नेतृत्व का जो भी फैसला होगा उसे ही वे मानेंगे। इस दौरान वीरसिंह, वशिष्ठ कुमार, दिनेशकुमार, नरेन्द्र गुप्ता, मोहनलाल, अंकिता श्रीवास्तव, संजना, हेमलता, आरती, अशोककुमार, लाखनसिंह, कैलाश पटैरया, प्रेमनारायण मिश्रा, प्रेमकिशोर मुखिया, अशोक राजपूत, अखिलेश, रामकिशोर, बालकृष्ण, मंगलीप्रसाद, ब्रजेशकुमार, याज्ञवाल्क्य त्रिपाठी, मुन्नालाल, महेशचंद्र, राजेन्द्रसिंह वर्मा आदि क्षेत्र के समस्त लेखपाल उपस्थित रहे। इस बिषम स्थिति को लेकर एसडीएम लल्लनराम से जब कार्यवाही के बाबत पूछा गया तो उन्होंने स्पष्टï किया कि ऊपर से जो भी निर्देश दिये जायेंगे उसी अनुरूप कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल से आम जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।





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