जालौन-उरई । सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रयास कर रही है तथा उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है वहीं स्थानीय एसडीओ कार्यालय में ट्यूबवेल कनैक्शन के स्टीमेट के नाम पर किसानों से जमकर वसूली हो रही है। संविदा कर्मचारी अपने उच्च अधिकारियों के इशारे पर खुलेआम पैसा वसूल रहा है। इसके बाद भी बिजली अधिकारी अनजान बन रहे हैं।

बिजली विभाग के स्थानीय कार्यालय में स्टीमेट के नाम पर चल रही अवैध वसूली के कारण किसान परेशान हैं। क्षेत्रीय किसान खेत पर ट्यूबवेल का कनैक्शन लेने के लिए बिजली विभाग जाता है जहां से उसकी कनैक्शन की फाइल कम्प्लीट होती है। संविदा कर्मचारी बिजली विभाग के एक अधिकारी की गाड़ी चलाता है तो दूसरा विभाग के स्थानीय कार्यालय में काम करता है। नाम न छापने की शर्त पर किसानों ने बताया कि जब वह ट्यूबवेल के कनैक्शन के लिए अवर अभियंता के पास जाते हैं तो वह इन्हीं लोगों के पास भेज देते हैं। ये लोग खुले आम स्टीमेट बनाने तथा सर्वे के नाम पर 2500 से 3000 रूपये मांगते हैं। जो किसान पैसा नहीं देता है। वह हफ्तों चक्कर लगाता रहता है जो पैसा दे देता है उसका स्टीमेट शीघ्र बनाकर दे दिया जाता है। स्टीमेट के नाम हो रही अवैध वसूली के कारण किसान परेशान हैं। एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार कम होने की बात कर रही तथा बिजली के कनैक्शन निशुल्क बांटने का प्रयास कर रही है वही स्थानीय कार्यालय में किसानों से ट्यूबवेल के कनैक्शन के स्टीमेट के नाम पर अवैध वसूली चल रहा है। किसानों से हो रही अवैध वसूली से वह परेशान हैं। किसानों राघवेंद्र सिंह राजावत, दिनेश त्रिपाठी, राजेश चन्द्र श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी से मांग की है कि स्टीमेट के नाम पर हो रही अवैध वसूली को बंद कराने की मांग की है। जब इस संदर्भ में अधिशाषी अभियंता तरनवीर सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस तरह की शिकायत नहीं मिली है अगर कोई एेसा कर रहा है तो बक्शा नहीं जायेगा।

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