उरई। केंद्र सरकार द्वारा हाल में फसलों के समर्थन मूल्य के लिए घोषित फार्मूले को नकारते हुए भारतीय किसान यूनियन ने प्रदेश व्यापी आवाहन के तहत सोमवार को कलेक्ट्रेट में हंगामी धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
इस अवसर पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने धरना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों को उसकी उपज का लाभकारी मूल्य नही मिल पा रहा जिसकी वजह से उन पर कर्ज का भार बढ़ता जा रहा है। प्रत्येक वर्ष 4 से 6 प्रतिशत के बीच किसान खेतिहर मजदूर में तबदील हो रहे हैं। एनएसएस की रिपोर्ट तो यह है कि अगर कोई दूसरा धंधा मिले तो 50 प्रतिशत किसान खेती छोड़ने को तैयार हैं। उन्होंने इस स्थिति को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इसके कारण किसानों को अस्तित्व रक्षा के लिए करो या मरो की लड़ाई पर आमादा होना पड़ सकता है। सभा का संचालन जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार राजपूत ने किया।
राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि बुंदेलखंड में तो 10 वर्षों से किसान सूखा व बेमौसम बारिश की मार झेल रहा है। जिससे उस पर कर्ज का बड़ा भार हो गया है। अवसाद के कारण आये दिन किसानों द्वारा आत्महत्या की जा रही है। उन्होंने इसे देखते हुए बुंदेलखंड के किसानों के सभी कर्जें माफ करने और आजीविका के संकट के समाधान हेतु संयुक्त समिति के गठन की मांग की।
सभा में डा. द्विजेंद्र सिंह, रामकुमार, भगवान दास, सुरेश चौहान, राजू मल्थुआ, देवकरण, देवसिंह, श्रीकांत मुखिया, कृष्ण गोपाल, श्याम सुंदर पुजारी, डा. केंदार नाथ, रामप्रताप पटेल, पीडी निरंजन, चंद्रपाल गुर्जर, देवेंद्र बिदुआ, राजेंद्र गढ़र, बालेंद्र, रामपाल, भान सिंह, रामजी, गजेंद्र सिंह और भगवान सिंह आदि ने भी संबोधित किया।






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