उरई। राज्य सरकार ने हड़ताल खत्म न करने पर लेखपालों के बस्ते छीनकर उन्हें एस्मा के तहत गिरफ्तारी का फरमान जारी कर दिया है। इसके बावजूद बेखौफ लेखपाल संघ ने सोमवार को पूर्व घोषणा के अनुसार कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन और सभा की। इस दौरान भारी फोर्स तैनात किया गया था। जिला प्रशासन ने जब उन्हें एस्मा की याद दिलाई तो उन्होंने कहा कि वे गिरफ्तारी देकर जेल जाने को तैयार हैं। हालांकि जिला प्रशासन भी सीधे टकराव से कतराता नजर आया। जिससे उनकी सभा चलती रही।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तत्वावधान में विभिन्न मांगों को लेकर गत 3 जुलाई से लेखपालों द्वारा कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। अभी तक उनका धरना प्रदर्शन तहसील मुख्यालयों पर चल रहा था। आज से उन्होंने जनपद मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस दौरान लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष लायक सिंह ने कहा कि लेखपाल दमन के आगे झुकने को तैयार नही हैं। हम जायज मांगों के लिए लड़ रहे हैं। सरकार गत समझौता वार्ता में दिये गये आश्वासन से मुकर रही है। प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर हम तब तक अपना संघर्ष जारी रखेगें जब तक हमारी मांगे पूरी नही हो जातीं। संचालन जिला महामंत्री लाखन सिंह ने किया। ओम नारायण चतुर्वेदी, लक्ष्मीनारायण श्रीवास्तव, अखिलेश खरे, पुष्पेंद्र शर्मा आदि ने भी संबोधित किया।
उधर कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष लाल सिंह चौहान ने भी लेखपाल संघ के आंदोलन का समर्थन करने की घोषणा की है। इसके लिए बैठक आयोजित कर फैसला लिया गया जिसमें लाल सिंह के अलावा मोर्चा के संयोजक आदित्य मिश्रा, अध्यक्ष अतर सिंह राठौर, हरीशंकर याज्ञिक, कृपा राम कृपालू, बृजलाल सुमन, शकुंतला पटेल आदि उपस्थित थे।






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