उरई। जालौन में नाबालिक बच्ची को कार से अगवा किये जाने की सनसनीखेज कोशिश के मामले में स्थानीय पुलिस की नींद हराम है। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस इसमें शामिल बदमाशों का सुराग नही लगा पाई है। उधर नगर व क्षेत्र में घटना को लेकर दहशत का माहौल है। लोग अपने बच्चों की हिफाजत के लिए फिक्रमंद होकर जबर्दस्त निगरानी कर रहे हैं।
मालूम रहे कि रविवार को दोपहर लगभग 12 बजे मोहल्ला गणेशजी के मंगल सिंह चौरसिया की 10 वर्षीय पुत्री प्रिया जब बस स्टैण्ड पर अपने पिता को दुकान पर खाना देने जा रही थी। तभी कालिंद्री टाकीज के मोड़ के पास बैगनआर कार से अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। बच्ची के साहस के आगे उनके मंसूबे सफल नही हो सके। उसकी लगातार चीख-पुकार से लोगों ने कार का पीछा शुरू कर दिया। जिससे घबराकर बदमाश उसे उरई रोड पर एलआईसी कार्यालय के आगे फेककर भाग निकले।
बदमाशों की मंशा क्या थी इसे लेकर रहस्य गहराया हुआ है। प्रिया के पिता के अनुसार न तो उनकी किसी से रंजिश है और न ही उनकी हैसियत ऐसी है कि वे बड़ी फिरौती दे सकें। तो आखिर अगर बदमाशों का मंसूबा प्रिया का अपहरण करना था तो इसके पीछे उनका उददेश्य क्या हो सकता है। यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है।
प्रिया ने यह भी बताया है कि उस कार में चार छोटे बच्चे और बैठे थे इसका क्या अर्थ है। क्या नगर व क्षेत्र में बच्चों को अगवा करने का कोई गिरोह सक्रिय हो गया है। या कोई और ही मामला है। यह बात संदिग्धों के पकड़ में आने के बाद ही उजागर हो सकती है।
जब इस संदर्भ में कोतवाल संजय कुमार गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक कोई भी सुराग हाथ नही लगा है लेकिन तलाश जारी है। जल्द ही उक्त कार व संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में होगें।

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