कुठौंद-उरई ।  उत्तर प्रदेश में नई सरकार के जन्म के बाद एेसा लगा था कि सडक़ों की बदहाल दशा में सुधार होगा पर एेसा नहीं हुआ और पहले से बदहाल सडक़ जब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील होकर सरकार के नारे सबका साथ सबका विकास के दावे की पोल खोल रही है। वहीं सरकार की दम पर अपनी नेतागिरी चमकाने वाले लोग इस समस्या से  पूरी तरह बेखबर दिखाई देते हैं।
जानकारी के अनुसार चित्रकूट से लेकर कन्नौज तक सरकार ने बुंदेलखंड  एक्सप्रेस वे बनाने का निर्णय लिया है लेकिन इसे बनाने में अभी वक्त लगेगा जालौन से लेकर कुठौंद तक बिलगांया पनवाड़ी मार्ग को  देखा जाए तो यह राज्य मार्ग के नाम के बजाय अब समस्याग्रस्त मार्ग बन गया है। जनपद के नाम से विख्यात जालौन में चार किलोमीटर मार्ग तय करने में लोगों का धैर्य जवाब दे जाता है। इसके बाद हदरुख से बस्ते पुर तक  राजमार्ग  की दशा  दयनीय है मदारीपुर पुलिया से तालाब तक जिसकी दूरी दो किलोमीटर के आसपास है यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है जब कुठौंद नगर में वाहन स्वामी प्रवेश करते हैं तो पेट्रोल पंप के पास दो-दो फीट से लेकर तीन-तीन फिट तक के गड्ढों में बड़े वाहनों का निकलना मुश्किल सा हो जाता है कई बार  वाहनों के  फस जाने से जाम की भी समस्या उत्पन्न हो चुकी है सडक़ें  बनवाने का जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड द्वितीय के आलाधिकारियों की घोर लापरवाही लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है यहां हम आपको यह भी बताते  चलें कि पिछली क्षेत्र पंचायत बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता को जब जागरुक लोगों ने खरी खोटी सुनाई तब उन्होंने वायदा किया था कि एक सप्ताह में समस्या का समाधान करा दिया जाएगा पर यह आश्वासन झूठा ही साबित हुआ। क्षेत्र  के दीपू मिश्रा प्रमोद राठौर कमलेश सिंह उमेश सिंह अनिल उपाध्याय आदि लोगों ने शासन-प्रशासन से संयुक्त रुप से मांग की है कि जनहित में समस्या का समाधान करा कर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए।

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