उरई । अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत न हो पाने से संत समाज में असंतोष गहरा रहा है । हालांकि इसके वाबजूद संतों का मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर से विश्वास नहीं डिगा है । उनका जिक्र आने पर संतों की उनके प्रति हमदर्दी छलक उठती है ।

निनावली जागीर सरकार के नाम से जालौन जिले के रामपुरर थाना के धुर बीहड़ इलाक़े में आश्रम चला रहे जाने माने संत मणींद्र महाराज ने कहा कि योगी को स्वत्नत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा है । अगर उन्हे अपने तरीके से काम करने की छूट दे दी जाये तो उनका दावा है कि वे सिर्फ तीन महीने में रामलला का मंदिर बनबा देंगे ।

मणींद्र महाराज भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल से काफी खफा दिखे । उन्होने कहा कि वे संगठन मंत्री हैं , उन्हें संगठन मजबूत करने का दायित्व निभाना चाहिये लेकिन उनकी दिलचस्पी सरकार चलाने में है । वे प्रदेश में सुपर मुख्यमंत्री की तरह काम कर रहे हैं और योगी को अपने अनुसार फ़ैसले नहीं करने दे रहे हैं । उन्होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम लिए बिना उनके लिए भी तल्खी दिखाई । उन्होने  कहा कि भाजपा में  ऊपर के लोग भी योगी के काम में बराबर दखल देते हैं । योगी अगर कुछ करना चाहते हैं तो ऊपर से उन्हे रोकने के लिए फोन आ जाता है ।

उन्होने कहा कि वोटों की राजनीति के कारण मंदिर को नहीं बनने दिया जा रहा है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण  है । मंदिर बनाने के आश्वासन पर भरोसा करके हिंदुओं ने देश केर सारे संवैधानिक पदों पर भाजपा के नेताओं के बैठने का आधार तैयार किया जिसकी वजह से अगर अभी भी राम मंदिर न बना पाया तो धिक्कार है ।

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