उरई। ग्राम आटा में स्थापित आधा सैकड़ा हैण्डपंपों में से एक दर्जन ठप्प होने के कारण ग्रामीणों को पानी के मामले में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बंद हैण्डपंपों को लेकर मई के महीने में मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसमें कुलदीप तिवारी के मकान के पास व अन्य बंद हैण्डपंपों का जिक्र था। इस शिकायत के संदर्भ में जो रिपोर्ट भेजी गई उस पर कह दिया गया कि चिन्हित हैण्डपंपों में कुछ दुरुस्त कर दिये गये हैं। जबकि कुछेक को जल निगम की जांच रिपोर्ट आने पर रीबोर कराया जायेगा।
खंड विकास अधिकारी कदौरा अजितेष सिंह की यह जांच रिपोर्ट असत्य, भ्रामक थी। मुख्यमंत्री के यहां पर गुमराह करने वाले जबाब को भेजकर उन्होनें ढिठाई की पराकाष्ठा कर डाली। सच्चाई तो यह है कि उक्त शिकायत के एक महीने बाद भी इनमें से किसी हैण्डपंप को ठीक नही कराया गया है जो कि तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं। बीडीओ को न तो इन्हें दुरुस्त कराने की फिक्र है और न रीबोर कराने की।






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