कोंच-उरई। आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन तक पूरे जिले को ओडीएफ घोषित करने की उच्चाधिकारियों की मंशा को संबंधित विभाग के लोग पलीता लगाने में जुटे हैं। इसकी एक बानगी उस समय देखने को मिली जब मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने ग्राम बिरगुवां में चैपाल लगाकर शौचलयों का सत्यापन किया तो पाया कि 202 के लक्ष्य के सापेक्ष यहां केवल 23 शौचालय ही बन सके हैं।
चैपाल में हालांकि उन्होंने गांव में राशनकार्ड, पेंशन, स्कूली व्यवस्था आदि पर भी नजर डाली लेकिन उनका मुख्य फोकस शौचालयों पर ही रहा। दरअसल शासन की मंशा और जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर के निर्देशों पर पूरे जिले को खुले में शौंच से मुक्त घोषित करने के लिए 2 अक्टूबर की तिथि मुकर्रर की गई है। जिसके मददेनजर प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता निश्चित समय सीमा के भीतर सभी शौचालयों का निर्माण पूरा कराना है। यह दूसरी बात है कि इनके निर्माण की जो गति है उसे देखकर ऐसा बिल्कुल नही लगता कि इस इम्तिहान में प्रशासन कामयाब हो पायेगा।
सीडीओ ने इसे लेकर संबंधितों को कड़ी फटकार लगाई और उनसे कहा कि निर्माण की रफ्तार को बढ़ाकर दिये गये समय से पहले सारे शौचालय पूरे करायें वरना उनकी खैर नही होगी। इस दौरान ब्लाक प्रमुख ऐन्द्र कुमार सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि देवेंद्र निरंजन, परियोजना निदेशक एचसी वर्मा, मनरेगा के उपायुक्त एके दीक्षित, खंड विकास अधिकारी सत्तीदीन वर्मा, खंड शिक्षाधिकारी कोंच अजीत सिंह, प्रधान बबलू यादव, अवर अभियंता विद्युत संजय कुमार आदि कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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