माधौगढ़-उरई। योगी सरकार ने पदभार ग्रहण करते ही शिक्षा क्षेत्र से मुनाफे की लूट को बंद करने की गर्जना की थी। लेकिन हकीकत के धरातल पर इस मामले में सरकार कोई ठोस कदम नही उठा पाई है। नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों की जेब पर डकैती डालने के लिए नये-नये हथकंडे दिखाये जाने लगे हैं।
स्थानीय समाजसेवी सागर गुप्ता ने इसका भंडाफोड़ करते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है कि बुक सेलरों और विद्यालय प्रबंधकों के बीच कमीशन को लेकर सांठगांठ की वजह से अभिभावकों का जमकर शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि हर प्राइवेट स्कूल किताबें खरीदने के लिए स्वयं दुकान करता है। जहां के अलावा अभिभावक किसी अन्य जगह से किताब नही खरीद सकता। इन दुकानों पर कई गुना रेट में किताबें मिलती हैं। जिससे अभिभावक कराह कर रह जाते हैं।
वैसे तो अभिभावकों को किसी दुकान विशेष से बच्चे के लिए स्कूल का सामान खरीदने को बाध्य करना अपराध है। लेकिन इसे रोकने की कोई तत्परता शिक्षा विभाग में नजर नही आती। इसलिए स्कूल संचालक नियम और कानूनों को ताक पर रखे हुए हैं। समाजसेवी सागर गुप्ता द्वारा जिलाधिकारी को किये गये इस टवीट का कितना असर होगा यह देखने वाली बात होगी।






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