उरई। विधवा की लड़की के पीछे पड़े गांव के शोहदे ने इंतहा कर दी। पहले उसने कई बार किशोरी के साथ छेड़खानी की। इसके बाद जब वह सुबह शौंच के लिए गई थी तो उसे पकड़कर उसके कपड़े फाड़ डाले और दुष्कर्म की कोशिश की। किशोरी ने घर आकर मां को बताया तो मां ने शोहदे के घर जाकर उलाहना दिया। उसके घरवालों ने बजाय उसे रोकने के किशोरी पर उसके घर पहुंचकर हमला बोल दिया। शोहदे ने अपनी मां और बहन के साथ किशोरी को इतना मारा कि वह अस्पताल में भर्ती है। इतने गंभीर मामले में भी पुलिस ने सौदेबाजी कर ली। किशोरी का मुकदमा लिखने के बजाय आरोपी के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करके मामले की लीपापोती की कोशिश की। सोमवार को जब किशोरी की मां ने पुलिस अधीक्षक को थाना पुलिस की इस करतूत के बारे में बताया तो उन्होंने फोन पर एसओ की जमकर लानत-मलामत की और चेतावनी दी कि अगर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न हुई तो उन्हें हटा दिया जायेगा।
रेढ़र थाने के कुसमरा गांव में महिला के पति की 7-8 साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। उसकी पंद्रह वर्षीय लड़की है। जिसे बेसहारा समझकर गांव के राघवेंद्र ने कई बार छेड़ा। 8 जुलाई को उसने सुबह 6 बजे शौंच के लिए गई किशोरी को पकड़ लिया और कपड़े फाड़कर उसके साथ अश्लील हरकत की। लड़की किसी तरह से छूटकर भाग आई और मां को पूरी बात बताई। मां ने राघवेंद्र के घर में शिकायत की इसका नतीजा यह हुआ कि 9 जुलाई को राघवेंद्र अपनी मां गायत्री व बहनों जूली और सुषमा के साथ किशोरी के घर आ धमके और उसे पकड़कर जानवरों की तरह मारा।
बाद में किशोरी को लेकर उसकी मां थाने गई लेकिन उसका मुकदमा नही लिखा गया। हालांकि उसकी चोटों का मुआयना कराया गया था। अभी भी किशोरी का मेडिकल कालेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसी बीच रेढ़र एसओ ने मामले को ठिकाने लगाने के लिए राघवेंद्र का 151 में चालान कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। आज किशोरी की मां ने एसपी के सामने आकर दुखड़ा रोया। इसके बाद एसपी ने रेढ़र के एसओ को बुरी तरह फटकार लगाई।

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