उरई। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को झूठे राग अलापने की आदत हो चुकी है। 2014 के लोक सभा चुनाव में पार्टी के नेताओं ने 3 साल के भीतर पृथक बुंदेलखंड राज्य बनवा देने का वायदा किया था। लेकिन अब वे बुंदेलखंड राज्य का नाम लेने तक को तैयार नही हैं। ईश्वर ऐसे झूठे का माफ नही करेगा।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के जिला संयोजक डा. रेहान सिददीकी के नेतृत्व में बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इस दौरान डा. रेहान सिददीकी ने याद दिलाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र की नुमाइंदगी कर रही केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमाभारती ने वायदा किया था कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के 3 साल के भीतर वे बुंदेलखंड राज्य बनाव देगीं।
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की भी सभाएं झांसी में हुईं जिसमें उन्होंने उमाभारती के संकल्प को दोहराया। लेकिन अब जबकि केंद्र सरकार को संचालित हुए 4 वर्ष हो चुके हैं। बुंदेलखंड का नाम तक नही लिया जा रहा जिससे बुंदेलखंडवासी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बेनकाब करने और ज्ञापन देने आये अन्य नेताओं में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी श्याम सुंदर, मो. फैजानुल हक, अरविंद सेंगर, अखिलेश चौधरी, संतराम नीलांचल, विवेक यादव, सुरेश दीक्षित, गुलाब खां, माजिद खां, सन्नो मंसूरी, राजेश बुधौलिया, करन सिंह, सीताराम वर्मा, संतोष शुक्ला, हरी शंकर गिरि, आदित्य कुमार मिश्रा, बृजभूषण सिंह, अभिषेक सिंह और राजीव परिहार आदि शामिल थे।

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