उरई। जल संस्थान के प्राइवेट पंप आपरेटरों को 10 माह से मानदेय नही मिला जिसके कारण वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गये। पंप आपरेटरों ने जिलाधिकारी व महाप्रबंधक को पत्र भेजकर मानदेय दिलाये जाने की मांग की।
नगर में स्थापित जल संस्थान के आधा दर्जन पंप प्राइवेट आपरेटरों के सहारे चल रहे हैं। यह लोग 24 घंटे मेहनत करते हैं फिर भी विभाग इनके लिए मानदेय की व्यवस्था नही कर पा रहा। जबकि मानदेय इतना कम है कि उससे ये लोग अपने परिवार को पेट भी ढंग से नही भर पाते।
सितंबर 2017 से विभाग ने पंप आपरेटरों के मानदेय का भुगतान नही कर पाया है। नये वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने पर उन्हें उम्मीद जगी थी कि मानदेय मिल जायेगा। लेकिन तीन महीना बीतने के बाद भी स्थिति ज्यों के त्यों है। निखिल बाजपेयी, राजेश नगाइच, चंद्र प्रकाश, छेदालाल, रोहित वर्मा, हरीओम दुबे आदि आपरेटरों ने उनके परिवार की भुखमरी की हालत को देखते हुए जिलाधिकारी और महाप्रबंधक से दया दृष्टि कर 10 माह का मानदेय दिलाने की मांग की।






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