0- बजट आवंटन के बाद भी कार्यदायी संस्था की उदासीनता

कालपी-उरई । सरकारी योजनाओं तथा बजट आवंटन के बाबजूद कार्यदायी संस्थान के द्वारा कार्य न करने का नजारा कालपी क्षेत्र में सुर्खियां बटोर रहा है। शासन के द्वारा बजट आवंटन के बावजूद पुल का निर्माण न करने से दर्जनों गांव के लोगो का कालपी से सम्पर्क इस बार भी कट जायेगा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कालपी-मंगरौल के बीच व्यास गंगा नदी में 1992 में तत्काली भाजपा सरकार के मंत्री बाबू राम गुप्ता के प्रयासों से रपटे का निर्माण कराया गया था। लिखीत 25 वर्षो से मरम्मत का काम ना होने के कारण रपटा क्षत्रिग्रस्त हो गया है। बरसात शुरू होते ही रपटे के ऊपर यमुना नदी के पानी के जलभराव हो जाता है। फलस्वरूप सड़क पूरी तरीके से बंद हो जाती है। कीरतपुर, देवकली, मैनुपर, धर्मपुर, गुणा, हीरापुर, शेखपुर गुणा, मंगलौर, नवलपुरा, द्वारकापुरी सहित डेढ दर्जन गांवों के नागरिकों को सीधे कालपी आना मुश्किल हो जाता है। इसकी को मद्देनजर रखकर कालपी क्षेत्र के विधायक नरेंद्र सिंह जादौन ने मामला उठाया तथा मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेकर रपटे के स्थान में बड़ा पुल निर्मित कराने के लिए 9 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर कराई थी। तीन महीने बीत जाने के बाद भी राज्यकिय सेतु निगम के अफसरों ने निर्माण कराने के लिए कोई दिलचस्पी नही दिखाई उदाशीनता बरतने से शासन की योजनाओं को जिम्मेदार अफसर पलीता लगाने से नही चूक रहे। अगर पुल का निर्माण ना कराया गया तो इस मानसूनी बरसात में डेढ दर्जन ग्रामो के बाशिंदों को इस साल भी परेशानी से जूझना पड़ेगा।

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