कबाड़ मशीनों की हालत देख हुये नाराज

उधमियों ने सौपा ज्ञापन

कालपी(जालौन) प्रदेश सरकार की एक जनपद-एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत कालपी के हाथ कागज उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को उ.प्र. ग्रामोद्योग वोर्ड के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल आई.ए.एस. ने 21 वर्षो से बंद पड़े हस्त निर्मित उत्पादन केंद्र का औचक निरीक्षण किया तथा भरोसा दिलाया कि उत्पादन केंद्र के लिए जल्द बजट आवंटित करके शुरू कराया जायेगा।
जनपद प्रवास पर आज प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने जैसे ही हाथ कागज उत्पादन केंद्र के अंदर कवाड़ मशीनो की हालत देखकर उनका पारा गर्म हो गया। केंद्र के प्रभारी अधिकारी एम.के दिवाकर ने बतलाया कि उत्पादन केंद्र की स्थापना 1957 में हुई थी। खादी वोर्ड द्वारा संचालित उत्पादन केंद्र विद्युत विच्छेदन तथा यूनियन बाजी के कारण 1997 में बंद पड़ा है।
प्रमुख सचिव ने कागज उत्पादन केंद्र की मशीनों रैग चापर, वीटर हाइड्रोमिक प्रेस, गलेज मशीन, कटिंग मशीन, ड्राई कटिंग मशीनों की खस्ताहाल दशा को देखा। प्रभारी ने उत्पादन केंद्र के सरंक्षण तथा चालू करने के लिए 37 लाख रुपये का आवंटित कराने के लिए प्रस्ताव प्रमुख सचिव को सौपकर सहयोग की अपेक्षा की। इस मौके पर जिला ग्रामोद्योग अधिकारी शिवदान सिंह भदौरिया, उपजिलाधिकारी, सी.ओ सुबोध गौतम, कोतवाल सुधाकर मिश्रा, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग लखनऊ के प्रशिक्षक सुधीर आस्थाना के अलावा नरेंद्र तिवारी, शोएब अली हाशमी, सलीम अंसारी, नवीन गुप्ता, रवींद्र नाथ गुप्ता, रमेश कागजी आदि उद्यमी मौजूद रहे।इसी क्रम मे
उ.प्र. कागज उद्यमी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने खादी एवं ग्रामोद्योग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल को चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौपते हुये मांग उठाई कि जी.एस.टी की दर कम की जाये। विद्युत की दरो में कमी की जाये। प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि समस्याओ पर गम्भीरता से विचार करके निदान किया जाये।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये उ.प्र. के मण्डलीय प्रशिक्षण केंद्र डालीगंज लखनऊ में 25 जुलाई को उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया जायेगा। जिसमे हाथ कागज उत्पादन की बिक्री आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के प्रशिक्षण सुधीर आस्थाना हाथ कागज के विषय मे मसौदा पेश करेंगे।

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