कुठौंद-उरई। युवा समाजसेवियों ने ड्रीम टू क्लीन प्लास्टिक के नाम से महत्वाकांक्षी मिशन शुरू किया है। जिसको लेकर बुधवार को हुई बैठक में पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां वितरित की गईं।
बैठक में अध्यक्ष ऋषभ चतुर्वेदी, अनिमेष द्विवेदी और आदित्य ने लोगों को प्लास्टिक रिसाइक्लिंग ग्रीन वैल्ट के अलावा ईको फ्रेन्डिली उत्पादों की महत्वपूर्ण जानकारी दी और घर-घर जाकर लोगों को इसके लिए जागरूक करने का प्रस्ताव रखा।
वक्ताओं ने कहा कि पालीथिन पर पहले भी बैन लग चुका है लेकिन स्थाई नही रहा। एक बार फिर वही स्थिति पैदा न हो इसके लिए लोगों को कमर कसनी होगी। यह भी कहा गया कि प्लास्टिक को उपयोग के बाद हम लोग कूड़े में या सार्वजनिक स्थानों पर फेक देते हैं। जिसे कबाड़े में दे दिया जाये तो वह प्लास्टिक रीसाइकिल होकर फिर से उपयोग में आ सकती है।
इस ओर भी ध्यान दिलाया गया कि सड़कों पर पड़ी पालीथिन खाने की वजह से गौ वंश की मौत हो रही है जो हमारी आस्था के लिए धक्का है। साथ ही जब पालीथिन जमीन पड़ी गलने लगती है तो उसके प्रभाव से अच्छी जमीन भी बंजर हो जाती है। इसलिए पालीथिन का हर सूरत में बहिष्कार होना चाहिए।
प्लास्टिक के बारे में बताया गया कि इसका कचरा बहुत मात्रा में समुद्र में पहुंच जाने से जलचरों की कई प्रजातियां नष्ट हो गई हैं। हमारे परिवेश के कई पक्षी भी लुप्त हो गये हैं। यह पर्यावरण के अनिष्टकारी होने की सूचना है। बैठक में स्वदेश, हिमाचल, गौरव, विष्णुमोहन, कुलवीर, शिवम, हर्ष, कल्पेश, हरिदत्त, मयंक, अंशू, शिवा आदि समाजसेवी भी उपस्थित रहे।

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