* सबसे ज्यादा विवेचनायें कोतवाली में लंबित, अन्य थानों में स्थिति संतोषजनक

कोंच-उरई । जिले के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने बुधवार को कोतवाली में अधीनस्थों की क्लास लगाई और अपराधों पर रोकथाम के लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने सर्किल में सबसे खराब प्रदर्शन करने बाले थानों को कड़ी चेतावनी दी कि लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निपटारा कर उन्हें सामान्य लेबिल तक लायें वरना दंड भुगतने के लिये तैयार रहें, खासतौर पर कोंच कोतवाली में लंबित विवेचनाओं की सीमा से अधिक संख्या पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। सबसे कम 3 विवेचनायें थाना नदीगांव, कैलिया में 5, एट में 14 तथा सबसे अधिक 51 कोंच में लंबित हैं।

बुधवार को एएसपी सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने कोतवाली कोंच में सर्किल के सभी चारों थानों कोतवाली कोंच, थाना कैलिया, थाना नदीगांव और थाना एट के थानेदारों और थाना प्रभारियों की कक्षा लगाई और उन्हें क्राइम कंट्रोल की घुट्टी पिलाते हुये विंदुवार अपराधों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस का सबसे पहला काम है अनुशासित ढंग से रह कर अपना काम करना और उम्दा रिजल्ट देना। उन्होंने कहा कि अपने दिये गये काम के प्रति पूरी तरह से सचेष्टï रहें, ऐसा करके तथा अपराधियों पर पैनी नजर रख कर वे अपराधों पर कारगर ढंग से नियंत्रण रख सकते हैं। उन्होंने बीट, गश्त और पिकेट के महत्व के बारे बताते हुये उन्हें बताया कि किस प्रकार बीट बुक में दर्ज सूचनाओं के माध्यम से वे अपराधियों पर कारगर ढंग से अंकुश लगा सकते हैं। उन्होंने गश्त और पिकेट पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस के बीच बढिया तालमेल बिठा कर ही अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकता है। इस दौरान सीओ कोंच संदीप वर्मा, कोतवाल देवेन्द्र सिंह, एसएसआई दिलीप वर्मा, दरोगा वीरेन्द्र सिंह, सुरेन्द्रकुमार सिंह, सर्वेशकुमार, जितेन्द्रकुमार, योगेश पाठक, एसओ कैलिया एमपी सिंह, दरोगा नरेशपाल, सुदीशकुमार, केदारसिंह, एट से एसओ देवेन्द्रकुमार द्विवेदी, एसओ नदीगांव अरुणकुमार तिवारी, लक्ष्मीप्रसाद, ब्रजेन्द्रसिंह, राजेन्द्रसिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

कोंच सर्किल में पॉक्सो एक्ट के पांच मामले

 

नाबालिग बच्चियों के साथ होने बाले यौन अपराधों पर पुलिस का खास फोकस है, ऐसे मामलों को देखने के लिये नोडल अधिकारी के रूप में थानेदार नियुक्त किये जायेंगे और उन मामलों की मॉनीटरिंग थाना प्रभारी और सीओ से लेकर उच्च अधिकारी भी करेंगे। एएसपी सुरेन्द्रनाथ तिवारी ने बुधवार को कोंच में अर्दली रूम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पॉक्सो के मामलों में पुलिस की कारगर पैरवी के लिये यह व्यवस्था दी गई है ताकि गवाहों आदि को समय से न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सके और इन मामलों का कोर्ट में निस्तारण जल्दी हो सके। गौरतलब है कि कोंच सर्किल में ही पॉक्सो एक्ट के कुल पांच मामले हैं जिनमें एक कैलिया, एक नदीगांव तथा तीन कोंच के हैं जो न्यायालय में विचाराधीन हैं।

 

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