उरई। जिला जेल में शुक्रवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा भारी लाव-लश्कर के साथ अचानक निरीक्षण करने से हड़कंप मच गया। इस दौरान प्रतिबंधित सामग्री भी जेल के अंदर पकड़ी गई। जिससे जेल प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गये। जिलाधिकारी का कहना है कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी।
बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या किये जाने के बाद पूरे प्रदेश में जेलों की सुरक्षा को लेकर खलबली मची हुई है। वैसे जिला जेल का प्रशासन अंदर सब कुछ अच्छा दिखाने के लिए सक्रिय रहता है जिससे यहां के कार्यक्रमों की सुर्खियां मीडिया में छाई रहती हैं। लेकिन आज जब जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर व पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह अचानक जेल के निरीक्षण के लिए पहुंच गये तो जेल प्रशासन के अधिकारियों के पैरों तले की जमीन खिसक गई। जेल के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी के लिए उनके साथ 6 मजिस्ट्रेट व 8 कोतवाली थाना प्रभारियों की टीम पहुंची थी। लगभग 2 घंटे तक तलाशी अभियान चला।
इस दौरान जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने की बात स्वीकार की। लेकिन इसका विस्तृत ब्यौरा देने से इंकार कर दिया। हालांकि पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि बरामद सामग्री खास संवेदनशील नही है जो कि राहत का विषय है।
बुधवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से बैरकों में पानी भर जाने की खबर भी थी। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि फिलहाल जेल में आज खतरे की कोई स्थिति देखने को नही मिली, सभी बंदी सुरक्षित हैं।






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