उरई। तेज बारिश ने गरीबों के आशियाने उजाड़ डाले। इसके कारण कई परिवार खुले आसमान के नीचे आ गये। स्कूलों में बनाये गये अस्थाई शेल्टर होम में उन्हें रहने को जगह दी गई हैं जहां पर्याप्त बंदोबस्त नही है। इसके साथ ही गरीबों के लिए सरकार की आवास योजनाओं की पोल भी खुल गयी है।
बुधवार को रात भर झमाझम बारिश होने और गुरुवार और शुक्रवार को लगातार रिमझिम पानी बरसने से जहां मौसम सुहावना हो गया वही गरीबों पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। मौसम ने उन्हें नारकीय हालतों में धकेल दिया। बारिश ने राजेंद्र नगर में नैना पैलेस के पीछे स्थित कंजड़ कालोनी के कच्चे घरों में सबसे ज्यादा तबाही मचाई। बाढ़ में इन घरों की दीवारें बह गईं और बाशिंदे किसी तरह की सुरक्षा छतरी के बिना हो गये।
गौरतलब है कि सरकार ने गरीबों के लिए पक्के आवास की व्यवस्था हेतु कई सालों से योजनाएं चला रखी है। लेकिन सुविधा शुल्क के बोलबाले के कारण कंजड़ कालोनी जैसी बस्तियों के लोगों को इनका कोई लाभ नही मिल पाया है। ताजा बारिश से यह पोल एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है।
बहरहाल खबर मिलने पर जनपद के उच्चाधिकारियों ने कंजड़ कालोनी में लेखपाल को भेजकर सर्वे कराया और बेघर हुए लोगों की पूरी मदद के निर्देश दिये। फिलहाल सभी परिवारों को स्कूल में बनाये गये आश्रय स्थल में शिफ्ट किया गया है। इन बेघरों की हकीकत आइने की तरह साफ होकर उजागर हो जाने के बावजूद इन्हें अभी भी आवासीय योजनाओं का लाभ मिल पायेगा या नहीं यह सवाल अब और मौजू हो गया है।

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