उरई। औद्योगिक आस्थान को चमकाने की कवायद के तहत इसे अतिक्रमण मुक्त कराने की बड़ी कार्रवाई का एलान कर दिया गया है।
1986 में कालपी रोड पर स्थापित किये गये विशाल राजकीय औद्योगिक आस्थान की सार्थकता पर इसकी उपेक्षा के कारण अभी तक प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। लेकिन प्रदेश के औद्योगिकीकरण के राज्य सरकार के नये प्रयासों के कारण स्थानीय औद्योगिक आस्थान के दिन बहुरते नजर आने लगे हैं।
इस कड़ी में जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अमित कुमार सिंह ने शनिवार को एक विज्ञप्ति जारी की। इस विज्ञप्ति में औद्योगिक आस्थान की सड़कों और उसके आसपास खड़े ट्रक, ट्रैक्टर व अन्य लावारिस वाहनों को संज्ञान में लिया गया है। उपायुक्त ने बताया कि इन वाहनों के स्वामियों का पता लगाने की कोशिश की गई लेकिन न तो आसपास के लोग उनकी जानकारी दे सके और न ही स्वयमेव कोई इनकी दावेदारी के लिए आगे आ रहा है। इसलिए अंतिम रूप से यह निर्णय किया गया है कि एक सप्ताह के अंदर इनके स्वामी अगर प्रकट नही हुए तो लावारिस वाहन जब्त कर नीलाम करा दिये जायेगें।
इसी तरह उन्होंने बताया कि कई जगह औद्योगिक आस्थान में कबाड़ के ढेर इकटठे कर लिए गये हैं या टटटर और लोहे की गुमटी रख दी गई हैं जो कि पूरी तरह अनधिकृत हैं। इनको भी तत्काल हटाने का फरमान जारी किया गया है। ऐसा न करने पर यह सामग्री भी जब्त कर नीलाम करा दी जायेगी। उम्मीद है कि इन विसंगतियों के निराकरण से औद्योगिक आस्थान व्यवस्थित नजर आने लगेगा जो कि इसकी गरिमा के लिए आवश्यक है।






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