
कोंच-उरई । श्रावण मास में भगवान भूतनाथ को रिझाने के सभी उपाय श्रद्घालु भक्त अपनाने में लगे हैं। सुबह जलाभिषेक के बाद सायं वेला में शिवालयों में भजन कीर्तन का सिलसिला शुरू हो जाता है जो देर रात तक जारी रहता है। अति प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर में बैसे तो साल भर शिव भक्तों का तांता लगा ही रहता है लेकिन सावन के महीने में पूरे मास बिशेष पूजा अर्चना में सैकड़ों श्रद्घालु जुट रहे हैं। बीती शाम महीने के पहले सोमवार को महाकाल के नयनाभिराम श्रृंगार किये गये और पुजारी हनुमंत गोस्वामी ने आरती की। वहां जुटी सैकड़ों महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ को समर्पित कई भजन गाकर उन्हें रिझाने का प्रयास किया। अंत में प्रसाद वितरित किया गया। उधर, ग्राम पडऱी में तला बाली माता मंदिर और हुल्का देवी मंदिर में भी सावन के प्रथम सोमवार को महामेव भगवान लोधेश्वर के दर्शन हेतु लगभग एक सैकड़ा भक्तों ने प्रस्थान किया। भोलेनाथ के जयकारे के साथ शाम 9 बजे तक उत्साह का माहौल देखने को मिला। समीपस्थ ग्राम भदारी में परमहंस तोताराम महाराज के मंदिर पर भी उत्साह के साथ अखंड श्रीराम चरित मानस का पाठ चल रहा है जिसमें गांव भर के श्रद्घालु सहभागिता कर रहे हैं।







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