उरई। सीमा पर वतन की पहरेदारी करने वाले सैनिकों के प्रति प्रशासन की संवेदनहीनता का एक नमूना सामने आया है।
नदीगांव ब्लाक के रूरा सिरसा गांव में सेना में तैनात दीपेश कुमार सिंह के दरवाजे पर बस स्टैण्ड के पास कई वर्षो से लगा सार्वजनिक हैंडपंप खराब हो गया था। जिसके लिए रीबोर की मंजूरी हुई तो प्रधान ने चुनावी रंजिश की वजह से उसका स्थान बदलने का फैसला कर लिया तांकि सैनिक के परिवार के लिए परेशानी पैदा हो सके।
सैनिक ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर इसकी शिकायत भेजी। जिसके जबाव में डाल दिया गया कि शिकायत निस्तारित की जा चुकी है। जबकि वस्तःस्थिति यह है कि प्रधान की हठधर्मिता की वजह से रीबोर अटका पड़ा है। इस बारे में सहायक विकास अधिकारी पंचायत से जांच कराई गई थी तो उन्होंने कोई निष्कर्ष देने की बजाय उच्चाधिकारियों से रीबोर के विवाद का निराकरण कराने की रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को भेज दी। जिसको लेकर अभी तक कोई कदम नही उठाया गया है।
गौरतलब है कि शासन द्वारा बार-बार निर्देश दिये जाते हैं कि सैनिकों के परिवार से संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रशासन और पुलिस प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से प्रयास करे लेकिन रूरा सिरसा का उदाहरण बताता है कि अधिकारी शासन की इस मंशा की कोई परवाह नही कर रहे हैं।






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