उरई। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की जनपद इकाई के प्रतिनिधि मंडल में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न अधिनियम में मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तारी के प्रावधान के बहाल के लिए किये गये संसोधन पर विरोध जताया है। साथ ही जाति पर आधारित आरक्षण को खत्म करके आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की है।
राष्ट्रपति के नाम संबोधित इस ज्ञापन में क्षत्रिय महासभा ने कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न अधिनियम का दुरुपयोग हो रहा है। जिससे निर्दोशों को अन्याय का शिकार होना पड़ रहा है। यह मानवता और संविधान के विरुद्ध है। उन्होंने वर्तमान आरक्षण प्रणाली को योग्यता विरोधी व्यवस्था को बढ़ावा देने वाला प्रावधान बताते हुए इसकी कटु निंदा की।
ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष बाबू सिंह सेंगर और जगरूप सिंह, महामंत्री विक्रमादित्य सिंह राजावत, नगर अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राजावत, महाराणा प्रताप वाहिनी के जिलाध्यक्ष कुंवर यादवेंद्र सिंह, महामंत्री महेंद्र पाल सिंह चौहान, नगर संगठन मंत्री मुकुल ठाकुर, चतुर सिंह सेंगर, रामकुमार जादौन, रामजी सेंगर, अमित भदौरिया, विनय चौहान, अजय सिंह आदि शामिल रहे।

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