उरई। कुठौंद ब्लाक के कैथवा ग्राम में प्रधान पर लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रधान ने शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित होने के बाद प्रमाण मिटाने को पुराने शौचालय को तोड़कर नया करा दिया। जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।
विदित हो कि गत दिनों कैथवा के प्रधान नीरज कुमार के खिलाफ पंचायत मित्र विनोद प्रजापति व पूर्व सचिव अनुज कुमार गुप्ता की मिलीभगत से ग्राम निधि का दुरुपयोग कर भारी भ्रष्टाचार करने की शिकायतें की गईं थीं। जिसके बाद जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी जालौन और जिला पंचायत राज अधिकारी की टीम गठित कर दी।
घबराये ग्राम प्रधान ने इसके बाद भ्रष्टाचार के प्रमाण मिटाने शुरू कर दिये। जिसके तहत शौचालय में नया गेट व नई छाप करा दी गई। अमित बंसल, कुलदीप सेंगर, अविनीश दुबे, पुष्पेंद्र शर्मा, प्रवीण सेंगर आदि ने इसका विरोध किया तो वाद-विवाद होने लगा। इस बीच अमित बंसल ने 100 नंबर डायल कर दिया जिस पर दो पुलिस कर्मी आये लेकिन उन्होंने यह मामला अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का बताया और थाने जाने की सलाह दी। इसके बाद मामला थाने पहुंचा। लेकिन थानाध्यक्ष का कहना था कि चूंकि यह पंचायती राज का मामला है इसलिए किसी अधिकारी के आदेश के बिना वे इसमें कोई हस्तक्षेप नही कर सकते। बहरहाल प्रधान की करतूत से मामला बढ़ता जा रहा है।

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