उरई। बिजली विभाग की लापरवाही से झुलसे युवक की जिंदगी गरीबी के कारण समुचित उपचार न हो पाने से बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। लेकिन न अधिकारी और न जनप्रतिनिधि उसे किसी तरह की सहायता दिलाने में रुचि ले रहे हैं।
लोकतंत्र बरायनाम चल रहा है लेकिन हकीकत यह है कि अगर किसी प्रभावशाली आदमी के साथ कुछ हो जाये तो प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक में जबर्दस्त हलचल देखी जाने लगती है। लेकिन किसी आम आदमी पर बीते तो उस गरीब के लिए किसी की संवेदना सामने नही आती। उदाहरण कुठौंद थाने के ग्राम चौथ का है जहां गत 6 अगस्त को अपने खेतों पर कटीले तार की बाड़ लगा रहे राजकरन सिंह (21वर्ष) पुत्र शिवशंकर सिंह पर हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा जिससे वह ऊपर से नीचे तक बुरी तरह झुलस गया।
उसे इलाज के लिए पहले औरैया ले जाया गया था लेकिन हालत अधिक गंभीर होने से जब वहां कोई लाभ नही मिला तो परिजनों ने उसे ग्वालियर ले जाकर भर्ती कराया। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने से उसके इलाज में ब्रेक लग गया है। उसकी हालत के लिए पूरी तरह बिजली विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है। फिर भी न तो अभी तक उसकी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उसके इलाज में मदद के लिए कोई पहल की है। जाहिर है कि आम गरीब आदमी की कीमत व्यवस्था के कर्ता-धर्ताओं के लिए कीड़े-मकौड़ों से ज्यादा अहमियत नही रखती।






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