* युवा दिवस पर सद्भावना विकास समिति के तत्वाधान में हुआ गोष्ठी का आयोजन

कोंच। अंतर्राष्टï्रीय युवा दिवस पर रविवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद नईम ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और राष्टï्रीय विकास में अगर युवाओं को समुचित भागीदारी मिले तो देश को विकसित राष्टï्रों की पांत में खड़ा होते देर नहीं लगेगी लेकिन युवाओं को लेकर बनने बाली नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में सरकारों का गैरईमानदार रवैया सबसे बड़ी बाधा है। यह बात उन्होंने सद्भावना विकास समिति के तत्वाधान में आराध्या खानपान गृह में आयोजित गोष्ठी के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कही।

अपने सारगर्भित उद्बोधन में डॉ. मोहम्मद नईम ने कहा कि संयुक्त राष्टï्र संघ द्वारा बर्ष 1985 में 12 अगस्त को अंतर्राष्टï्रीय युवा दिवस घोषित किया गया था और राष्टï्रसंघ के सदस्य देशों ने कई विंदुओं पर लक्ष्य निर्धारित किये थे लेकिन दुर्भाग्य है कि भारत उनमें से किसी एक विंदु पर भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सका। समूचे विश्व में पैंसठ करोड़ युवा हैं जो पैंतीस बर्ष की आयुवय के हैं और इनमें से अकेले भारत में इनकी संख्या चार करोड़ साठ लाख के आसपास है। इन युवाओं के लिये राष्टï्रीय युवा नीति तो बना दी गई लेकिन इसके क्रियान्वयन के लिये न तो फंडिंग की गई है और न ही किसी तरह का खाका खींचा गया है जिसमें युवा अपने को फिट कर सकें। नतीजतन युवा न सिर्फ बेरोजगारी की अंधी गार में हाथ पैर मार रहा है बल्कि वह दिक्भ्रमित भी हो गया है जो देश के लिये खतरनाक है। उन्होंने कहा कि ‘सेफ पैसेज फॉर यूथÓ की अवधारणा को पोषण देना होगा, प्रत्येक स्थान पर युवाओं को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करनी होगी, उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना होगा, जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय संकीर्णताओं से ऊपर उठ कर उन्हें समान अवसर प्रदान करने होंगे, उनके रोजगार की पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी तभी ऐसे दिवसों को मनाये जाने की सार्थकता सिद्घ हो सकेगी। उत्तरप्रदेश युवा नीति-2016 के क्रियान्वयन हेतु अभियान से जुड़े जगपालसिंह यादव ने बताया कि युवा नीति के क्रियान्वयन हेतु प्रदेश के पंद्रह जिलों में अभियान की शुरुआत की गई है जिसके द्वारा सरकार से मांग की जा रही है कि इसका क्रिान्वयन ठीक ढंग से कराने के लिये विभागों को योजनायें बना कर सरकार को भेजने के निर्देश दिये जायें और इनके लिये फंडिंग की पर्याप्त व्यवस्था की जाये। गोष्ठी को अमित उपाध्याय, सुधा खरे, कुसुम निरंजन आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान मनोरमा, सिमरन, आकाश पाटकार, अभिषेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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