उरई। थाना नदीगांव परिसर में डिजिटल वालिंटियर बनाने के लिए बैठक आयोजित हुई। जिसमें थानाध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी ने लोगों को योजना की जानकारी दी।
गौरतलब है कि डीजीपी के आदेश से अपराध नियंत्रण और पुलिस को नागरिकों के साथ सीधे जोड़ने के लिए हर थाने पर ढाई सौ डिजिटल वालिंटियर बनाये जा रहे हैं। जिनमें व्यापारी, डाक्टर, पूर्व एवं वर्तमान प्रधान, चेयरमैन, सभासद, पत्रकार, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य नागरिकों को शामिल किया जाना है।
थानाध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि विभाग चाहता कि आम नागरिक बिना किसी भय व संकोच के सीधे पुलिस से जुड़े। जिससे जनमानस और पुलिस में समन्वय स्थापित होगा और अपराधों पर भी अंकुश लगेगा।
बैठक में उन्होंने इस बारे में जारी परिपत्र को बिंदुवार पढ़ा। जिसमें कहा गया है कि गलत अफवाहों से बचें, अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित करें, संदिग्ध कार्यकर्ताओं पर निगाह रखें, किरायेदार को उसके बारे में पूरी जानकारी मिलने पर ही किराये पर जगह दें। थानाध्यक्ष ने कहा कि इन बिंदुओं पर लोगों को समय पर पुलिस को सही जानकारी देने की अपेक्षा है। उन्होंने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में लगभग आधा सैकड़ा गांव हैं जिनमें 39 वालिंटियरों का चयन कर उन्हें सीधे राज्य मुख्यालय से जोड़ा जा चुका है।
बैठक में ब्लाक प्रमुख चंदन पाल, शालिगराम पाण्डेय, गोविंद नारायण दुबे, रंजीत यादव, उमाकांत त्रिपाठी सहित सभी वर्गों के प्रमुख लोग उपस्थित थे। थाने के सभी उप निरीक्षक और सिपाही भी मौजूद रहे।






Leave a comment