उरई। कोई भी भूखा न सोये, इस उददेश्य के साथ काशी में सबसे पहले अनाज बैंक का सूत्रपात हुआ। देश में ही नही वरन समूचे विश्व में यह अपनी तरह का पहला बैंक है जहां लेन-देन, जमा-निकासी सब कुछ अनाज के रूप में होता है। इस बैंक में संतोष के रूप में ब्याज मिलता है और यहां काम करने वालों को दुआओं और आशीर्वाद का वेतन। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के केंद्रीय पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को मोहल्ला शिवपुरी में अनाज बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय का उदघाटन करते हुए व्यक्त किये।
मालूम रहे कि विश्व के पहले अनाज बैंक के संस्थापक डा. राजीव श्रीवास्तव की प्रेरणा से बुंदेलखंड का पहला अनाज बैंक शहर में डा. अमिता सिंह के नेतृत्व में नवंबर 2017 से कार्य कर रहा है। इसके बारे में बोलते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि अनाज बैंक की केंद्रीय टीम का यह निश्चय है कि अनाज बैंक का पहले संचालन किया जाये छह माह तक सुचारू रूप से कार्य करने के बाद ही बैंक का लोकार्पण किया जाता है। उन्होंने भूखों को अनाज वितरण के संबंध में कहा कि हमारे देश ही नही संपूर्ण विश्व भूख की समस्या से पीड़ित है। ऐसे में भरे पेट वालों की जिम्मेदारी बनती है कि वे आगे आयें और एक-एक परिवार के लिए भोजन की व्यवस्था करें। बुंदेलखंड में भुखमरी की समस्या गंभीर है जिसे दूर करने के लिए यहां अनाज बैंक का संचालन प्रारंभ किया गया है।
इसके पूर्व इंद्रेश कुमार ने अनाज बैंक का उदघाटन मां सरस्वती और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्जवलन करके फीता काटकर किया। इसके साथ ही उन्होंने हंगर कार्ड, अनाज मुद्रा और अनाज बैंक चैक का भी लोकार्पण किया। जिससे अनाज और भोजन वितरण में और भी आसानी आयेगी।
मीडिया से वार्ता करते हुए इंद्रेश कुमार ने बताया कि अनाज बैंक के कार्य को देखकर यूएनओ की एक टीम ने हमसे संपर्क करके वैश्विक स्तर पर भूख की समस्या को दूर करने के लिए माडल स्थापित करने में इस अनाज बैंक का सहयोग मांगा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच और विशाल भारत संस्थान मिलकर अभी तक 4000 से अधिक परिवारों को विशेष स्थिति में अनाज वितरित कर चुका है। इसके अलावा 1600 परिवारों को नियमित रूप से अनाज वितरित किया जाता है। इसके साथ-साथ गरीब बेटियों के विवाह के लिए भी कार्य किया जा रहा है। अपने चार प्रकल्पों की चर्चा करते हुए इंद्रेश कुमार ने बताया कि बालक-बालिकाओं के लिए शिक्षा सहायता योजना का संचालन किया जा रहा है जिसके तहत बस्ता, किताबें, ड्रेस आदि का वितरण करने के साथ-साथ अत्यंत गरीब बच्चों की फीस की भी व्यवस्था की जाती है। अभी 2000 से अधिक बच्चों को इसमें लाभांवित किया जा चुका है। दूसरे प्रकल्प के अंतर्गत तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए नियमित 10 साल तक आर्थिक सहायता की योजना है। अभी तक 100 से अधिक ऐसी महिलाओं का मदद दी जा चुकी है। तीसरा प्रकल्प गरीब जरूरतमंद बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ जरूरत के सभी सामान को उपलब्ध कराने का है। चैथा प्रकल्प खुदाई खिदमदगार समिति की स्थापना है। बुंदेलखंड में जल्द ही इन प्रकल्पों को आरंभ किये जाने पर विचार किया जायेगा।
अनाज बैंक के संस्थापक-अध्यक्ष डा. राजीव श्रीवास्तव ने अपने उदबोधन में उरई शाखा की तारीफ करते हुए कहा कि यहां जिस अनुशासन से कार्य हो रहा है वह प्रशंसनीय है। इसी तरह से एक नेतृत्व में अनुशासनात्मक रूप में कार्य करने से ही सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय का आवाहन करते हुए कहा कि आप सभी प्रतिमा अनाज बैंक को सहायता उपलब्ध कराकर गरीबों की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह का अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण, प्रतिबद्धता यहां देखने को मिल रही है उससे विशाल भारत संस्थान यहां शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक कार्य करने का विचार बना रहा है। यदि जनपद के लोगों का सहयोग मिलेगा तो जल्द ही इंद्रेश जी के निर्देशन में उरई में विश्व विद्यालय आरंभ किया जा सकता है। यदि शिक्षा व्यवस्था अच्छी होगी तो निश्चित ही रोजगार के अवसर प्राप्त होगें और उससे भूख जैसी समस्या से निपटने में आसानी होगी।
अनाज बैंक बुंदेलखंड जोन की महा प्रबंधक डा. अमिता सिंह ने कहा कि उन्होंने अनाज काशी के कार्य और संकल्प से प्रभावित होकर अपनी छोटी बहन अनिला सिंह की स्मृति में इसे आरंभ किया था। यह सभी बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद है कि आज 80 के आसपास महिलाएं अनाज बैंक से लाभांवित हो रही हैं। अनाज बैंक की उरई शाखा इसी तरह निरंतर सकारात्मकता के साथ कार्य करती रहेगी।
दो सामजिक कार्यकर्ता सम्मानित
इस अवसर पर इंद्रेश कुमार ने जनपद के दो प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। इसमें विधवा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विडो क्लब की संस्थापक कौशल्या राज और पर्यावरण संरक्षण में मेहती योगदान दे रहे डा. रविकांत शाक्य शामिल हैं।
उदघाटन के पश्चात इंद्रेश कुमार ने पौध रोपण भी किया। डा. राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में काशी की टीम के धनंजय सिंह, मृदुला जायसवाल, तंजीम, नाजमा परवीन आदि भी अनाज बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के उदघाटन में शामिल हुए। उपस्थित प्रमुख स्थानीय लोगों में जिला संघ चालक संतोष त्रिपाठी, प्रयाग नारायण त्रिपाठी, डा. प्रभात कुमार, डा. आदित्य कुमार, डा. अजय सक्सेना, डा. राकेश नारायण द्विवेदी, बृजभूषण सिंह मुन्नू, डा. राकेश द्विवेदी, दिनेश चतुर्वेदी, डा. प्रवीण सिंह जादौन, गणेश शंकर त्रिपाठी, ओंमकार पिंडारी, धर्मेंद्र कुमार, रोहित ठाकुर, निशा सिंह, डा. विश्वप्रभा त्रिपाठी, डा. रचना श्रीवास्तव, अरुण कुमार ंिसंह, दीपक कुमार, दिगम्बर नारायण तिवारी और विधायक गण शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को श्रद्धाजंलि अर्पित की गई। अध्यक्षता डा. प्रभात कुमार, संचालन डा. कुमारेंद्र सिंह सेंगर ने किया।






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