कालपी-उरई। मंगलवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शिविर का आयोजन किया गया जिसमें चिकित्सकों ने मानसिक रोगियों का परीक्षण कर उनके लिए तमाम निदान सुझाये।
जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित शिविर में मनो चिकित्सक डा. शाहजानंद की टीम ने नींद न आना, ज्यादा नींद आना, डिप्रशन, आत्म हत्या का विचार आना, डर, घबराहट, याददाश्त में कमी, अलजीमर, सरदर्द, गुस्सा ज्यादा आना, बच्चों में मंद बुद्धि, पढ़ाई में मन न लगना, किसी के उपस्थित न होने पर भी कानों में आवाजों का सुनाई देना अथवा लोगों का दिखाई देना आदि मनोरोग पीड़ितों का परीक्षण किया।
इस दौरान डाक्टर शाहजानंद ने कहा कि भौतिक युग की मनोरोग सबसे गंभीर समस्या है। जो आम आदमी की दिनचर्या को प्रभावित करती है और राष्ट्रीय उत्पादकता में भी बाधक साबित होती है। उक्त लक्षणों के माध्यम से मनोरोगों को शुरूआत में ही पहचाना जा सकता है जिनका निदान व्यवहारिक तरीकों एवं दवाओं से संभव है। शिविर में चिकित्साधिकारी डाक्टर सुदंर सिंह, डा. सूर्यवीर शाक्य, डा. दिनेश सिंह आदि उपस्थित रहे।

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