जालौन-उरई। जालसाजी करके खाद्यान्न सामग्री हजम किये जाने के संबंध में पूर्ति निरीक्षक ने 11 कोटेदारों और 3 संविदा कर्मियों के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कराया है।
नगर के कोटेदारों तथा कम्प्यूटर कर्मियों की मिली भगत से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। जिसमें 11 नियंत्रित मूल्य की दुकानों में एक हजार लोगों की खाद्यान्न सामग्री कुछ नंबरों को कई लोगों के साथ जोड़कर निकाल ली गई। सरकार ने जालसाजी को रोकने के लिए हर कोटेदार को ई-मशीन उपलब्ध कराई थी। इसमें आधार नंबर के साथ अंगूठे का निशान भी मशीन में लगवाया जाता है फिर भी गड़बड़ियां नही रोकी जा सकीं। जांच में जब यह मामला उजागर हुआ तो पूर्ति निरीक्षक अजीत यादव ने सतीश गुप्ता, बृजकिशोर, इरशाद खान, उमेश गुप्ता, अजय गुप्ता, गिरिजा देवी, मो. इस्माइल, असलम अंसारी, सीताराम गुप्ता, केशकुमारी और जनक दुलारी, सभी कोटेदारगण और संविदा आपरेटर शिवा, सागर व अर्पित के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।






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