उरई। अध्यापकों का शोषण उत्पीड़न करके उनसे लाखों रुपये की रिश्वत वसूलने के मामले में तीन पूर्व बेसिक शिक्षाधिकारियों व कार्यालय के दो लिपकों के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर जांच शुरू हो गई है।
बताया जाता है कि डकोर के ब्लाक प्रभारी अरविंद कुमार स्वर्णकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र देकर पूर्व बेसिक शिक्षाधिकारियों प्रदीप कुमार पाण्डेय, अजीत कुमार और राकेश कुमार वर्मा व बीएसए कार्यालय के तत्कालीन लिपिक त्रिलोकी गुप्ता और वीरेंद्र कुमार के विरुद्ध शिक्षकों को परेशान करके लाखों रुपये की उगाही करने का आरोप तथ्यों के आधार पर लगाया था। जिसे गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने झांसी चित्रकूट धाम के मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है। बेसिक शिक्षा विभाग में इसके बाद हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि वर्तमान बेसिक शिक्षाधिकारी राजेश शाही के जमाने में भी उगाही का यह सिलसिला जारी है। जिसके कारण बीएसए कार्यालय का वर्तमान अमला भी शासन की गाज गिरने की आशंका से सहम उठा है।
उधर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने जांच के क्रम में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को अरविंद कुमार स्वर्णकार के शिकायती पत्र की छाया प्रति भेजकर उसमें वर्णित बिंदुओं से संबंधित अभिलेख विशेष वाहक से उन्हें उपलब्ध कराने को कहा है। तांकि जांच शीघ्र पूरी करके बेसिक शिक्षा निदेशक को भेजी जा सके। अरविंद स्वर्णकार का शिकायती पत्र इतने प्रमाणों सहित है कि उस पर लीपापोती का कोई रास्ता बीएसए कार्यालय को नही सूझ रहा है। फिलहाल बीएसए कार्यालय में जर्बदस्त हलचल देखी जा रही है।

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