* नहीं चला उत्तराधिकार और जातिवाद का कार्ड, ग्रामीणों ने विकास के नाम पर दिया वोट

* मामला सिमिरिया के प्रधानी उपचुनाव का

कोंच। मंगलवार को विकास खंड कोंच के ग्राम सिमिरिया में प्रधानी के लिये हुये उपचुनाव में मतों की गिनती भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निपटी जिसमें हरिश्चंद्र याज्ञिक ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को करारी शिकस्त देकर प्रधानी को अपने कब्जे में कर लिया। विजयी प्रत्याशी को 489 वोट मिले हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निवर्तमान प्रधान गुलाब सिंह के बेटे संजय को 7 वोट से हराया है, संजय को 482 मत मिले हैं। इस जीत ने कयासों के उलट आश्चर्यजनक परिणाम दिये हैं, ग्रामीणों ने न तो उत्तराधिकार प्रथा को ही भाव दिया और न ही जातिवाद की राजनीति को, उन्होंने केवल विकास के नाम पर अपना वोट दिया है। जिस विरादरी का प्रधान जीता है उस विरादरी के गांव में महज तीस वोट हैं।

विकास खंड कोंच के ग्राम सिमिरिया के प्रधान गुलाब सिंह के असमय निधन से रिक्त हुई सीट के लिये उपचुनाव हुये हैं जिसमें 25 अगस्त को मतदान हुआ था। मंगलवार को खंड विकास कार्यालय कोंच में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे मतों की गिनती का काम शुरू हुआ और महज दो घंटे में ही चौंकाने बाले परिणाम सामने आ गये। छह प्रत्याशियों के बीच रहे मुकाबले में हरिश्चंद्र याज्ञिक ने 489 वोट हासिल कर प्रधानी पर कब्जा जमा लिया। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी संजय पटेल को 482 वोट मिले और वे सात वोटों के अंतर से चुनाव हार गये। प्रह्लादकुमार को 52, वीरबल 43, नरेन्द्रकुमार 12, मोहनलाल 5 वोट मिले जबकि 4 मत अबैध पाये गये। आरओ अधिशासी अभियंता लोनिवि निर्माण खंड-3 वीके राय तथा एआरओ जेई आरईएस वीरसिंह यादव ने मजिस्ट्रेट की हैसियत से मौजूद जिला समाज कल्याण अधिकारी जीआर प्रजापति और खंड विकास अधिकारी सत्तीदीन की मौजूदगी में हरिश्चंद्र को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया। हरिश्चंद्र की जीत पर उनके समर्थक झूम उठे और उन्हें हाथों में उठा लिया तथा माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कोतवाल देवेन्द्र सिंह, एसएसआई दिलीप वर्मा, सागर चौकी इंचार्ज सर्वेशकुमार, एसआई जितेन्द्रकुमार, एसआई कमलनारायण, एसआई लक्ष्मीप्रताप सिंह के साथ दर्जनों सिपाही पूरे कैंपस को छावनी बनाये रहे।

 

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