उरई। जालौन के पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह को उनके एक साल एक महीने से कुछ अधिक समय के कार्यकाल के बाद इसी पद पर कन्नौज स्थानांतरित कर दिया गया है। उनके स्थान पर हाल ही में आईपीएस कैडर में पदोन्नत हुए एसटीएफ के डा. अरविंद चतुर्वेदी को जालौन का नया कप्तान बनाया गया है।
वैसे तो मंगलवार को शासन द्वारा जारी की गई 30 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची में कई और जिलों के पुलिस प्रमुख भी इधर से उधर किये गये हैं। इसलिए यह रुटीन का तबादला होने के बावजूद इस पर लोगों को इसलिए संशय है कि एक साल एक महीने का कार्यकाल अल्प माना जाता है। अमरेंद्र प्रसाद सिंह के कार्यकाल में जिले में ज्यादातर ब्लाइंड केसों का तत्परता पूर्वक खुलासा हुआ। उनके समय राजनैतिक व सामाजिक हलकों में पुलिस के प्रति नाराजगी पैदा करने वाली भी कोई घटना नही हुई। जाहिर है कि ऐसे में लोग उनके तबादले को सहजता से स्वीकार नही कर पा रहे। उस पर भी तुर्रा यह है कि उन्हें बदली में जालौन से छोटा जिला दिया गया है। जिससे उनका तबादला कहीं न कहीं सजा के तौर पर देखा जा रहा है जबकि इसका कोई औचित्य नही था। इसलिए जनमानस को उनका तबादला नागवार गुजरा तो इसे अन्यथा नही लिया जा सकता।
हालांकि इसी के साथ बेहतर यह है कि जालौन के नये एसपी एसटीएफ से आ रहे हैं जो कि यूपी पुलिस की सर्वश्रेष्ठ विंग है। इसलिए उम्मीद की जाती है कि वे भी बहुत ही आश्वस्त करने वाली व्यवस्था जिले की जनता को दे सकेगें।
योगी सरकार ने पदारूढ़ होने के बाद सपा शासन के अधिकारियों को कई सप्ताह तक नही हटाया था। जिससे यह अनुमान लगाया गया था कि पूर्ववर्ती सरकारों के विपरीत यह सरकार प्रशासन में स्थिरता की नीति में विश्वास रखते हुए काम करेगी। लेकिन यह सरकार भी प्रशासन को फेंटने में सपा और बसपा सरकार से कमतर नही है यह बात इस सरकार ने एक वर्ष के अपने क्रिया-कलापों में उजागर कर दी है।
इसी बीच निवर्तमान पुलिस कप्तान अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कार्यभार छोड़ने के पहले बुधवार को दफ्तर में बैठकर जरूरी काम निपटाये। उन्होंने अपने उत्तराधिकारी अरविंद चतुर्वेदी से बात की जिससे संकेत मिला है कि श्री चतुर्वेदी गुरुवार तक कार्यभार संभालेगें। अरविंद चतुर्वेदी ने भी आज एसटीएफ में अपना पैंडिंग काम निपटाया। इसके बाद जालौन रवाना होने से पहले उन्होंने पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से भेंट की।






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