उरई। नवागंतुक पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी ने गुरुवार को यहां कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपने कार्यालय में पत्रकारों से परिचयात्मक बातचीत की। जिले के नये एसपी को अपराध अनुसंधान के लिए हाईटेक तरीकों के इस्तेमाल में महारथ हासिल है। उनके साथ कई असाधारण खूबियां जुड़ी हुई हैं। वन्य जीवों की तस्करी से संबंधित अपराधों की रोकथाम के मामले में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
1991 बैच के मूल रूप से पीपीएस अफसर अरविंद चतुर्वेदी हाल ही में आईपीएस के लिए अवार्डेड हुए हैं। पुलिस अधीक्षक के रूप में जालौन में उनकी पहली पोस्टिंग है। अर्थशास्त्र में पीएचडी अरविंद चतुर्वेदी के साथ कई विलक्षण रिकार्ड जुड़े हुए हैं। उन्होंने हांगकांग में साइबर क्राइम पर रोक की ट्रेनिंग ली। वे यूएन शांति मिशन के तहत कोसोवो भी जा चुके हैं। पिछले 16 सालों से वे एसटीएफ में हैं। उन्होंने साइबर फ्राड के कई गूढ़ मामले सुलझाये हैं। डा. चतुर्वेदी को 2010 में राष्ट्रपति पदक से भी नवाजा जा चुका है।
उन्होंने पत्रकार वार्ता मेें कहा कि टैक्नोलोजिकल इनोवेशन के मामले में उन्होंने जो अनुभव अर्जित किये हैं उनका इस्तेमाल करके वे तकनीक के जरिये अपराधों को होने से पहले रोककर लोगों को फुल प्रूफ सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मीडिया से बातचीत के समय अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी भी उपस्थित थे।

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