उरई। रामपुरा विकास खंड के जगम्मनपुर में गरीबों को आवास आवंटन में धांधली की खबरे मिली हैं। ग्राम प्रधान राहुल मिश्रा के नेतृत्व में सचिव की कारगुजारी से पीड़ित आवेदकों ने शुक्रवार को इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
जगम्मनपुर जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में एक है। साथ ही यह ग्राम पंचायत समग्र ग्राम विकास योजना में शामिल की गई है। इसके चलते ग्राम पंचायत को विकास के लिए अधिक बजट आवंटित होता है। यही इस ग्राम पंचायत के भ्रष्टाचार का अखाड़ा बन जाने का कारण बन गया है।
गत वर्ष ग्राम पंचायत की माली हालत पर गिद्ध दृष्टि जमाकर ग्राम विकास अधिकारी केशव कांत त्रिपाठी सैटिंग-गैटिंग से इस पंचायत के सचिव बनने में कामयाब हो गये थे। तभी से वे पंचायत में अपने हाथ की सफाई दिखाने का कोई मौका नही चूंकते। सर्वाधिक धांधली आवास योजना में हो रही है।
आवास योजना में प्रतीक्षा सूची की वरीयता के क्रम से लाभार्थी चुने जाने चाहिए लेकिन मनमाने तरीके से काम करने के आदी सचिव भेंट-पूजा लेकर सूची के ऊपर के नाम छोड़ते हुए कहीं से भी चयन करने की परिपाटी बनाये हुए हैं। उदाहरण मोहन और रामलखन का है जो प्राथमिकता सूची में सर्वोपरि होते हुए भी सुविधा शुल्क न चुका पाने के कारण दरकिनार हो गये जबकि उनके परिवार को बरसात में घर न होने के कारण पालीथिन और छप्पर टीन के नीचे गुजारा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पीड़ितों ने प्रधान के साथ मुख्य विकास अधिकारी के सामने पहुंचकर उनसे आग्रह किया कि वे वरीयता सूची का परीक्षण करा लें। जिसमें हुई अनियमितताओं का निराकरण कराके वे आवास योजना में भ्रष्टाचार समाप्त कराये और उन्हें न्याय दिलाये।






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