उरई। युवा स्वाभिमान ट्रस्ट द्वारा बुंदेलखंड में युवा विकास चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर संगोष्ठी चुर्खी रोड स्थित गौतम पब्लिक स्कूल में आयोजित की गई जिसमें बुंदेलखंड में बढ़ते पलायन, नशाखोरी, बेरोजगारी तथा दिशा भ्रमित होने जैसे ज्वलंत मुददों पर मंथन किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए ट्रस्ट के सचिव अरविंद पहारिया ने कहा कि आज देश को युवा शक्ति की जरूरत है। हम देखते हैं कि प्रतिदिन हजारों की संख्या में बुंदेलखंड का युवा पलायन कर रहा है। सरकार की तमाम योजनाएं संचालित होने के बावजूद युवा अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। आज उसे दिशा देने की जरूरत है। यह संगठन उनके हित और विकास के लिए काम करेगा। आज उसी को लेकर भविष्य की कार्य योजना तय होगी।
कार्यक्रम का संबोधित करते हुए मुकेश कनोजिया एडवोकेट ने कहा कि आज युवा सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा है। युवाओं को साम्रदायिक दंगों में राजनैतिक स्वार्थ के चलते झोंका जा रहा है। उसके रुछान को बदलकर विकास की ओर मोड़ने की जरूरत है। रेहाना मंसूरी ने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा फोन में खर्च करता है जबकि इतिहास गवाह है कि सामाजिक बदलावों एवं सामाजिक क्रांति में हमेशा युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई है जो आज नजर नही आ रहा है। रविंद्र पांचाल ने कहा कि शिक्षा ही विकास की कुंजी है जिसे ध्यान में रखकर कार्य करें। आलोक ने कहा कि फोन का सदुपयोग करें न कि दुरुपयोग। अजय कुमार ने कहा कि स्वरोजगार परक शिक्षा की जरूरत है। मनोज चैधरी ने कहा कि हमारा सामाजिक माहौल सही नही है। जिसे दुरुस्त करने के लिए प्रयास करना होगा। जय भीम के सेंटर चलाकर वंचितों को शिक्षा देने का काम हम कर रहे हैं। केके शिरोमणि जी ने बच्चों में व्यवहारिक बदलाव लाने की बात कही वहीं वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह ने कहा कि भारत में यह विडंबना रही है कि असल काम को सामाजिक दर्जें में गिराया गया। विदेशों में लोहे का काम करने वाले इंजीनियर साहब कहे गये लेकिन भारत में वे जातिगत हीन भावना के शिकार बना दिये गये। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए साहस और विवेक के साथ काम करने की जरूरत है।
टीआर मौर्या ने कहा कि युवाओं को असली चुनौतियों का एहसास होना चाहिए तथा उनके निदान के लिए कार्य में लग जाना चाहिए। बीडीएम के संयोजक कुलदीप बौद्ध ने कहा कि आज युवाओं को सोचना होगा कि हमारा वास्तविक उददेश्य क्या है। बुंदेलखंड में युवाओं की स्थिति बहुत ही सोचनीय है। दिल्ली से आये वरिष्ठ समाजसेवी, फिल्मकार शाह आलम ने चंबल संग्रहालय की जानकारी देते हुए बताया कि इटावा में इसका उदघाटन 26 सितंबर को किया जा रहा है जिसमें चंबल के इतिहास के दुर्लभ दस्तावेज संजोये गये हैं। उन्होंने इसमें आने के लिए सभी उपस्थितों को आमंत्रित किया। आभार प्रदर्शन प्रमोद कुमार गौतम और संचालन तिलक राज आनंद ने किया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य रमेश चंद्र, आकांक्षा गौतम, अर्चना तिवारी, अंकिता, आकांक्षा बाथम, मिस्टर सिंह कनोजिया, ओम प्रकाश बाबा, अनूप बाल्मीकि, निशा राजपूत, रमाकांति, आरती पाल, मनोज चैधरी, विमल बौद्ध, विक्रम पाल राहिया, शशिकांत, नरेश मास्टर, वीरेंद्र, राजेंद्र सिंह, हिमांशु, अनिल कुमार, अविनाश गौतम, सत्येंद्र आदि भी उपस्थित रहे।






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