उरई। एससी एसटी एक्ट में उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश को संशोधित करने के सरकार के कदम से नाराज सवर्णों ने गुरुवार को जिले भर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बाजार बंद कराया गया। पुलिस प्रदर्शन के दौरान चौकस रही। तांकि कहीं कोई अप्रिय घटना घटित न हो सके। राठ रोड पर मौनी बाबा मंदिर के सामने खुली दुकानों को बंद कराने पर प्रदर्शनकारियों और दुकानदारों में झड़प हो गई। तनाव की सूचना मिलने पर पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान अपर जिला मजिस्ट्रेट पीके सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पहले ही निषेध आज्ञा जारी कर जुलूस को प्रतिबंधित कर दिया है। जो लोग इसका उल्लंघन कर रहे हैं उनकी सीसी टीवी फुटेज और वीडियोग्राफी से पहचान कराई जायेगी तांकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। दोपहर बाद प्रदर्शनकारियों के घर वापस होते ही बाजार खुल गया और स्थिति सामान्य हो गई।
जिला मुख्यालय पर सुबह होते ही प्रदर्शनकारी युवकों की टोली बाजार में नारेबाजी करते हुए निकल पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान खोलने से रोका। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी, नगर उपाधीक्षक संतोष कुमार फोर्स के साथ प्रदर्शन के पीछे-पीछे चलते हुए स्थिति पर निगाह रख रहे थे तांकि कहीं कोई बवाल न हो पाये। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने जब बजरियां में घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें सख्ती से रोक दिया। आदित्य शुक्ला के नेतृत्व में एक टीम ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। आदित्य शुक्ला ने कहा कि वे गांव-गांव में सवर्णों को उनके दमन की कोशिशों के खिलाफ जागृत करने के लिए अभियान चलायेंगें और इसके बाद जिला मुख्यालय पर एक बार फिर भारी विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।
ऊमरी कस्बे में प्रदर्शनकारियों ने रामपुरा-गोहन सड़क जाम कर दी। थानाध्यक्ष लाखन सिंह काफी देर तक उन्हें समझाने की मशक्कत करते रहे। जिसके बाद जाम खुल सका। विरोध प्रदर्शन में गजेंद्र सिंह चौहान, संजू सिंह, दीपू सेंगर, जितेंद्र तोमर, गोलू शुक्ला, विनय, शिवम आदि मौजूद रहे। रामपुरा में भी सवर्णों ने शांतिपूर्ण ढंग से बाजार बंद कराया। बंदी में धर्मेंद्र सिंह, अभय प्रताप सिंह, रिंकू आदि दर्जनों लोग शामिल रहे। जगम्मनपुर में भी सरकार के कदम के खिलाफ नारेबाजी हुई और बाजार बंद रखा गया। कुठौंद में ब्राहमण महासभा, क्षत्रिय महासभा, परशुराम सेना व सवर्ण आर्मी ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर विरोध जताया और खंड विकास अधिकारी लोकनाथ राजपूत को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबाधित ज्ञापन सौंपा। व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामआसरे शर्मा, कोषाध्यक्ष नीरज गुप्ता, नीटू दुबे, सोनू दुबे, कुददीप मिश्रा, परशुराम सेना के अध्यक्ष अंतू दुबे, विपुल दुबे, वासु मिश्रा, अंकित शुक्ला, पिंकू महंत, रानू शुक्ला और क्षत्रिय महासभा से नरेंद्र भदौरिया, राहुल सेंगर, लालू भदौरिया, विवेक भदौरिया, छुटटे राजावत, पुनीत राजावत, मुकेश कुमार, सवर्ण आर्मी से प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष अजय दीक्षित प्रधान बावली, देवेंद्र मिश्रा, बन्सू राठौर, रामकुमार राठौर, कृष्णमोहन शुक्ला, मनमोहन शुक्ला, गंभीर सिंह आदि लोग शामिल रहे।

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