उरई। ईमानदार, चरित्रवान और उल्लेखनीय रचनात्मक कार्य करने वालों के सार्वजनिक सम्मान की परंपरा कायम की जानी चाहिए। तांकि दूषित हो रहे सामाजिक वातावरण को बदलकर लोगों को नेक कार्यों के लिए पे्ररित किया जा सके।
यह बात सेवा निवृत्त पुलिस महानिदेशक होमगार्ड सूर्यकुमार शुक्ला ने रामपुरा में नगर पंचायत द्वारा शिक्षक दिवस पर ब्लाक परिसर में आयोजित गुरुजन सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। सूर्यकुमार शुक्ला ने अपने संबोधन में उन दिनों के संस्मरण सुनाये जब वे जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप तैनात थे। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से केंसर की जड़ गुटखा जैसी कुरीतियों पर उन्होंने प्रभावी रोक लगाई थी। श्री शुक्ला ने युवाओं का आवाहन किया कि वे आम आदमी के अधिकारों के हनन का पर्याय बन चुके भ्रष्टाचार से जूझने के लिए आगें आयें। उन्होंने वर्तमान शिक्षकों से अपील की कि वे सेवानिवृत्त हुए पुराने शिक्षकों के पदचिन्हों पर चलकर मनोयोग से नौनिहालों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने का काम करें तांकि पेशे के अनुरूप गरिमा का श्रेय उन्हें प्राप्त होता रहे। अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य सुघर सिंह और संचालन विजय कुमार द्विवेदी ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में झांसी टाइम्स और जालौन टाइम्स के प्रधान संपादक केपी सिंह उपस्थित रहे।
इसके पहले मुख्य अतिथि सूर्य कुमार शुक्ला ने संतोष सिंह सेंगर, केजी सिंह, रनवीर सिंह यादव, समर सिंह यादव, रसूल अहमद सागर, जान मोहम्मद, सुरेश विश्वकर्मा, शिवकुमार गोस्वामी, सुरेश त्रिपाठी सहित 67 सेवा निवृत्त शिक्षकों को साल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजक और नगर पंचायत के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने अतिथियों के स्वागत में भाषण किया और बाद में स्मृति चिन्ह भेंट किये।

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