कालपी-उरई । शासकीय उपेक्षाओ के चलते स्थानीय नगर के मीट मार्केट तथा पशु वधशालाओ की हालत ठीक नही चल रही है। सरकारी पशु वधशालाओं में अवैध कब्जा होने से बिना चिकित्सीय परीक्षण कराये पशुओ के काटने तथा मीट के कारोबार का धंधा चल रहा है।फलस्वरूप बीमार पशुओं का मीट बिकने से नगरवासियों के रोगी बनने की खबरें आयेदिन चर्चाओं मे बनी रहती है।

 

मालूम हो कि नगर के मुहल्ला हरीगंज के एकांत स्थल में लाइसेंस धारक मीट विक्रेताओ के लिये सरकारी पशु वधशाला निर्मित थी।जहां पर लाइसेंसधारक विक्रेता अपने -अपने छोटे जानवरो बकरा, बकरी को काटकर मीट को ले जाकर जुलैहटी बाजार स्थित अपनी अपनी दुकानों में बेचते थे। इसी प्रकार मुहल्ला राम चबूतरा, नई बस्ती में भी बड़े जानवरो भैस आदि के काटने के लिए सरकारी पशु वधशाला बनी हुई थी और लाइसेंसधारक अपने-अपने जानवर को काटते थे तथा मीट  दुकानों में बेचते थे। दोनों सरकारी पशु वधशालाये पूर्व में एकान्त स्थल में बनी थी।  लेकिन बाद में रिहायशी बस्तिया बस गई। पशु वधशालाओ की दीवाल टूटकर गिरने लगी और बाद में अतिक्रमण कारियो की चपेट में आने से पशुओ के कटने का काम बंद हो गया। कई खुले स्थानों में कारोबारी जानवरो को काटकर मीट बेचने का धंधा चला रहे है।

नियमतः राजकीय पशु चिकित्साधिकारी के द्वारा निर्धारित फीस लेकर कटने वाले जानवरो का चिकित्सीय परिक्षण करके स्वास्थ्यता प्रमाण पत्र निर्गत करते थे। बाद में जानवरों को काटकर मीट बेचा जाता था। इसके अलावा समय समय पर पशु वधशालाओं तथा दुकानों का निरीक्षण राजकीय पशु चिकित्साधिकारी के  द्वारा करके स्वस्थ पशुओं की हकीकत का जायजा लिया जाता था।फीलगुड के चक्कर मे अब इस व्यवस्था में भी पलीता लग गया है। चिकिस्ताधिकारी इस मे ध्यान नही देते और कारोबारी चिकित्सीय प्रमाणपत्र नही बनवाते है। नगर के कई मीट उपभोक्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई विक्रेता बीमार जानवरो को काटकर उसका मीट बेचने के धंधे में लिप्त है। उन्होने जिला प्रशासन तथा जिला पशु चिकित्सा अधिकारी से अपेक्षा की है कि बीमार जानवरो के मीट कारोबार में अंकुश लगाया जाये।

इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई। तो उनका मोबाइल बन्द जाता रहा।

 

बीमार पशुओं के सेवन से मानव शरीर मे फैलते रोग

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालपी के चिकित्साधिकारी डा.सुन्दर सिंह ने बताया कि बीमार जानवरों के मीट के सेवन करने से जरूरत है।मानव शरीर मे तमाम प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते है।इसके लिये हर व्यक्ति को अपनी सेहत के प्रति सचेत रहने की जरूरत है ।

 

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