कोंच-उरेइ । एससी/ एसटी एक्ट के विरोध में गुरुवार को भारत बंद के आह्वïान का कोंच में मिला जुला असर दिखाई दिया। यहां के अधिकांश बाजार खुले रहे और इस एक्ट के विरोधी जब बाजारों में निकले तो उनके अनुरोध पर थोड़ी देर के लिये प्रतीकात्मक रूप से अपनी दुकानें बंद कर लीं लेकिन उनके जाते ही फिर से दुकानदार अपनी दुकानें खोल कर ग्राहकी करते देखे गये, अलबत्ता गल्ला मंडी जरूर पूरी तरह से बंद रही और व्यापारियों ने व्यापारिक कार्य बिल्कुल भी नहीं किये।

 

 

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/ एसटी एक्ट को लेकर अपना कड़ा रुख दिखा कर इसके दमनकारी प्रावधान को रेखांकित किया था लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने फिर से पुराने प्रावधानों की वकालत कर गैर एससी/ एसटी वर्ग के लोगों को भड़काने का जो काम किया उसकी आग गुरुवार को भारत बंद में दिखाई दी। समूचा देश जहां इस एक्ट का जबर्दस्त विरोध सड़कों पर करते देखा गया वहीं कोंच में इस बंद का मिला जुला असर दिखाई दिया। सुबह से ही रोज की तरह अधिकांश बाजार खुल गये और दुकानदार ग्राहकी करने में लगा रहा लेकिन मुख्य राजमार्ग की अधिकांश दुकानें न केवल बंद रहीं बल्कि उन लोगों ने कस्बे के अन्य बाजारों रामगंज, सर्राफा, वर्तन बाजार, मानिक चौक आदि इलाकों में जाकर दुकानें बंद कराईं लेकिन बंदी समर्थकों के पीठ फेरते ही फिर से दुकानें खुल गईं। गल्ला मंडी जरूर पूरी तरह से बंद रही, गल्ल व्यापारी समिति ने एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया था सो किसान भी न के बराबर आये लेकिन उनके माल की बिक्री नहीं हो सकी। गल्ल व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल, उपाध्यक्ष राममोहन रिछारिया, मंत्री धु्रवप्रताप सिंह अन्य पदाधिकारियों का कहना था कि इस हिटलरशाही कानून के कारण गैर एससी/ एसटी वर्गों को बेइज्जत किया जाना कहां का कानून है लिहाजा गल्ला व्यापारी समिति इस एक्ट के खिलाफत करती है।

 

फोटो-कोंच2-जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित करते सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह एव मंचस्थ अन्य

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