उरई । बुन्देलखण्ड के पहले अनाज बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय का  इन्द्रेश कुमार जी के हाथों शुभारम्भ होने के बाद पहला वितरण संपन्न हुआ| सितम्बर माह के इस पहले वितरण में नियमित अस्सी महिलाओं के अलावा एक ऐसी वृद्ध महिला को खाता खोलकर सहायता प्रदान की गई जिसका लगभग पच्चीस वर्षीय नाती और उसकी पत्नी उससे भीख मंगवाने का काम करवाते हैं. दोनों किसी तरह का काम न करके सिर्फ इसी वृद्ध महिला की भीख पर अपना जीवन गुजार रहे हैं. रामदुलारी नाम की लगभग 75 वर्षीय महिला के पति  देहांत पाँच वर्ष पूर्व हो चुका है और उसका बेटा-बहू भी इस दुनिया में नहीं हैं. अनाज बैंक, उरई शाखा प्रबंधक धर्मेन्द्र कुमार का सामना उस महिला से हुआ और उसने रोते हुए उन्हें अपनी आपबीती सुनाई. धर्मेन्द्र कुमार ने तत्काल उस वृद्ध महिला के घर जाकर वास्तविकता को समझा और उसे लाभार्थी महिलाओं में शामिल करने की संस्तुति की. अनाज बैंक की महाप्रबंधक डॉ० अमिता सिंह ने उस महिला को सहयोग प्रदान करते हुए कहा कि अनाज बैंक का यही उद्देश्य है कि कोई भूखा न सोने पाए. इसके लिए समाज के विभिन्न जागरूक लोगों के सहयोग से अनाज वितरण का कार्य प्रतिमाह दो बार किया जा रहा है|

सितम्बर माह के इस पहले वितरण में सेवा दृष्टि संस्थान और विडो क्लब के पदाधिकारी सुभाष चंद्रा द्वारा वितरण कार्यक्रम संपन्न किया गया. उन्होंने कहा कि ये अत्यंत पुनीत कार्य है जिसके द्वारा समाज के अत्यंत गरीब महिलाओं को सहायता मिल रही है. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यहाँ उपस्थित लाभार्थी महिलाओं के द्वारा यह जानकर बहुत सुखद अनुभूति हुई कि पिछले माह हिन्दू-मुस्लिम समुदाय के पर्वों के होने के चलते सभी महिलाओं को पांच किलो आटे के साथ-साथ चीनी, चावल और एक नवीन वस्त्र प्रदान किये गए थे. इसके चलते दोनों समुदाय की महिलाओं ने अपने-अपने त्योहारों को बड़े हर्ष के साथ संपन्न किया. कई वर्षों के बाद उनके साथ ऐसा हुआ कि उन्हें अपने त्यौहार मनाने के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ा. सामाजिक कार्यकर्त्ता सुभाष चंद्रा के साथ-साथ पौरिक सिंह राणावत के द्वारा भी अनाज वितरण किया गया|

इस वितरण में रोहित ठाकुर, गणेश शंकर त्रिपाठी, डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने भी सहयोग प्रदान किया.| सितम्बर माह का अगला वितरण 23 तारीख को प्रातः 10 बजे से होगा.

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