
पत्नी के साथ शौच क्रिया के लिये मलंगा नाले के किनारे गया था
कोंच-उरई । रविवार की सुबह लगभग पांच बजे अपनी पत्नी के साथ मलंगा किनारे शौच क्रिया के लिए गया तिरेसठ वर्षीय एक व्यक्ति अचानक से मलंगा की धार में बह गया। जब तक पत्नी चिल्लाती तब तक वह पानी की लहरों में समा गया। पत्नी की चीख पुकार सुन कर इलाकाई लोग वहां इकट्ठा हो गये और पुलिस को सूचना देने के साथ ही उसकी खोज बीन में जुट गये। पुलिस और फायर सर्विस के जवान मौके पर पहुंच गये थे लेकिन किसी की हिम्मत लहरों से जूझने की नहीं पड़ी तब कुछ उत्साही नौजवान मलंगा में कूदे और काफी देर की मशक्कत के बाद पुल में फंसी उक्त व्यक्ति की लाश को बरामद कर बाहर निकाला। एसडीएम भी मौके पर पहुंच गये थे, उन्होंने मृतक की पत्नी को सांत्वना देते हुये उसे सरकार द्वारा दी जाने बाली इमदाद मुहैया कराने का भरोसा दिया।

जानकारी के मुताबिक रविवार की सुबह लगभग पांच बजे कस्बे के गोखलेनगर निवासी ब्रजकिशोर (63) पुत्र शंभूदयाल पांचाल अपनी पत्नी मोतीकुंवर के साथ रोज की भांति शौचक्रिया के लिये मलंगा नाले के किनारे गया हुआ था। इसी बीच अचानक उसका पैर फिसल गया और वह बेतहाशा जा रहे मलंगा नाले में गिर गया। पानी के तेज बहाव में बहने लगा तो उसकी पत्नी चिल्लाई कि वह अपनी धोती फेंक रही है उसे पकड़ ले और अपनी जान बचाये लेकिन ब्रजकिशोर बोला कि वह चिंता न करे, आगे पुल पकड़ कर वह बाहर आ जायेगा। इसके बाद वह तेज लहरों में ऐसा खोया कि फिर बाहर नहीं निकल सका। पत्नी की चीख पुकार सुन कर आसपास के लोग इकट्ठा हो गये और देखते ही देखते वहां हजारों की भीड़ जमा हो गई लेकिन किसी की भी हिम्मत पानी के तेज बहाव से जूझने की नहीं पड़ी। सूचना मिलते ही एसडीएम गुलाब सिंह, कोतवाल देवेन्द्र सिंह, सुरही चौकी इंचार्ज सुरेन्द्रकुमार सिंह, ईओ नपा बुद्घिप्रकाश, लेखपाल सदर नरेन्द्रसिंह, पालिकाध्यक्षा प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल सहित कई सभासद भी मौके पर पहुंच गये थे। मौके पर पहुंचे फायर सर्विस के जवानों ने भी मलंगा में उतरने से कन्नी काट ली। इसके बाद कुछ उत्साही नौजवान निकल कर आगे आये और मलंगा की लहरों में कूद पड़े। काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद अंतत: उन नौजवानों ने आगे शंभूसाहब की ओर जाने बाले पुल में फंसी उसकी लाश को बरामद कर लिया। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरवा कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। एसडीएम ने मृतक की पत्नी से मिल कर उसे सांत्वना दी और सरकार द्वारा दी जाने आर्थिक इमदाद दिलाने का भरोसा दिया।
शव की तलाश करने बाले नौजवान होंगे सम्मानित
जान की परवाह न करते हुये जिन नौजवानों ने अपने को मलंगा की भयानक लहरों में झौंक दिया और ब्रजकिशोर के शव को तलाश करके बाहर निकाला उन नौजवानों की हिम्मत की दाद स्थानीय बाशिंदों ने तो दी ही, प्रशासन ने भी उनकी पीठ ठोंकी। एसडीएम गुलाब सिंह ने उन सभी नौजवानों सुनील पुत्र झड़ू अहिरवार निवासी गोखलेनगर, ललित वर्मा पुत्र मूलचंद्र, यूनिस पुत्र लालपठान, बौरे पुत्र ओमनारायण निवासी मालवीय नगर के नाम अपनी डायरी में नोट किये और उन्हें सम्मानित करने के निर्देश पालिका के ईओ बुद्घिप्रकाश को दिये। गौरतलब यह भी है कि जब बर्ष 2013 में मलंगा में इससे भी बड़ी बाढ आई थी और कांशीराम कॉलोनी के समीप स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सैकड़ा भर छात्रायें फंस कर रह गईं थीं तब भी इन्हीं नौजवानों ने दिलेरी दिखाते हुये उन छात्राओं को सुरक्षित निकालने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
घर में शौचालय होता तो शायद न जाती वृद्घ की जान
जिस वृद्घ ब्रजकिशोर की रविवार को मलंगा की अथाह जल राशि में जिंदा समाधि बन गई उसके घर में शौचालय नहीं था जिसके चलते उसे नित्य क्रिया के लिये खुले में शौच जाना पड़ता था। हास्यास्पद ही है कि नगर पालिका प्रशासन ने नगर के सभी पच्चीसों वार्डों को ओडीएफ घोषित कर रखा है और विज्ञापन के जरिये घोषणा की गई है जिसका मतलब है कि सभी घर शौचालय युक्त हो गये हैं और अब कोई खुले में शौच नहीं जाता है। ब्रजकिशोर की आकस्मिक मौत पालिका के ओडीएफ होने को सीधा सीधा मुंह चिढाती महसूस होती है क्योंकि यदि उसके घर में शौचालय होता तो शायद उसकी जान न जाती।






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