उरई। ट्रैक्टर मालिक को उसका चालक ही चकमा दे गया। पीड़ित ट्रैक्टर मालिक ने तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया जिसके आधार पर पुलिस ने चालक को जब पकड़ा तो उसने 10 दिन के अंदर ट्रैक्टर लौटाने का वायदा किया। लेकिन आज तक उसने वायदा पूरा नही किया है। इतना ही नही उसने ट्रैक्टर मालिक को एससी-एसटी एक्ट के मुकदमें में फर्जी फसाने की कोशिश भी कर डाली। मंगलवार को इससे हताश ट्रैक्टर मालिक एसपी से मिलने पहुंचा। उसने कहा कि अगर उसे ट्रैक्टर जल्द वापस न दिलाया गया तो वह भूख हड़ताल पर बैठकर जान दे देगा।
थाना कुठौंद के ग्राम खेड़ा मुस्तकिल के निवासी शिवशंकर प्रजापति के पास महेंद्रा का नोवा ट्रैक्टर था। जिसे उरई के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी राजकुमार चलाता था। राजकुमार गत वर्ष 27 जनवरी को अपने साथियों के साथ चकमा देकर उसका ट्रैक्टर ले उड़ा। इसकी शिकायत शिवशंकर ने 2 अप्रैल को तहसील दिवस में की। इस पर पुलिस ने राजकुमार को तलब किया तो राजकुमार यह वायदा करके चला गया कि 10 दिन में वह ट्रैक्टर वापस कर देगा। लेकिन वे 10 दिन आज तक नही आ पाये हैं। इसी बीच राजकुमार ने धारा 307 व एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा उसके खिलाफ दर्ज करा दिया जो जांच में झूठा पाया गया। बाद में 15 जुलाई को तत्कालीन एसपी के हस्तक्षेप पर उसकी एफआईआर इस मामले में दर्ज की गई। लेकिन विवेचक ने इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की। उक्त ट्रैक्टर पीड़ित ने महेंद्रा एण्ड महेंद्रा बैंक से फाइनेंस पर लिया था। नतीजतन उस पर लोन के इंट्रेस्ट का बोझा भी बढ़ता जा रहा है। साथ ही ट्रैक्टर का बीमा भी समाप्त होने वाला है।
शिव शंकर को आशंका है कि इसके बाद ट्रैक्टर की बरामदगी में बिलंब होने पर आरोपी और उसके साथी उसे किसी षड़यत्र का शिकार बना सकते हैं। उसने कहा कि इस दुश्चिंता में वह डिप्रेशन का मरीज हो गया है और आत्महत्या की बात उसके मन में आने लगी है। एसपी ने उसको सांत्वना देते हुए कहा कि उसके प्रार्थना पत्र की गंभीरता पूर्वक जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई करायेगें।






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