0 राठ निवासी विजय बहादुर की भूमि तथा निर्माण पर वसीम बेग करना चाह रहा है अवैध कब्जा
0 विजय बहादुर न्यायालय व एसडीएम के आदेश पर अपनी जमीन पर वैध निर्माण करा रहे थे
0 पैसे के लेन-देन के चलते सीओ व पुलिस वसीम बेग के पक्ष में, विधायक की भूमिका भी संदिग्ध
0 दबंग सीओ ने भूस्वामी विजय बहादुर व निर्माण कर रहे लोगों को पिटवाकर कोतवाली पहुँचवाया
0 पीड़ित के अधिवक्ता से राठ सीओ व कोतवाली के कुख्यात दारोगा ने की बदसलूकी-हाथापाई
हमीरपुर। हमीरपुर जनपद के राठ क्षेत्र में पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक यादव की गुण्डई देखने को मिली। न्यायालय और उप जिलाधिकारी राठ के आदेशानुसार बनाये जा रहे निर्माण को सीओ और पुलिस ने जबरन रुकवाया। राठ सीओ और कोतवाली पुलिस की मनमानी से क्षेत्र में लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस क्षेत्राधिकारी राठ अभिषेक यादव और राठ कोतवाली के कुख्यात व भ्रष्ट सब इंस्पेक्टर रामआसरे त्रिपाठी पर अवैध कब्जा करना चाह रहे लोगों के हित में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप है।
हमीरपुर जिले के राठ नगर निवासी विजय बहादुर सिंह राजपूत का चरखारी रोड नई बस्ती स्थित सिकंदरपुरा में आवास और उससे संलग्न भूमि है, जोकि खाली है। इस पर दूसरा पक्ष वसीम बेग आदि कब्जा करना चाहते हैं और जमीन पर गलत दावा कर रहे हैं। प्रकरण न्यायालय में भी गया। न्यायालय और एसडीएम के आदेश पर अपनी भूमि पर निर्माण करा रहे थे। राठ थाने की पुलिस लगातार उनको परेशान कर रही थी। शनिवार पूर्वाह्न लगभग 10 बजे पीड़ित विजय बहादुर के अधिवक्ता आलोक कुमार द्विवेदी इस प्रकरण में राठ कोतवाली गये और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केदारनाथ सिंह से अपनी बात रखी, जिस पर उन्होंने न्याय का आश्वासन दिया। इसके बाद भी दारोगा रामआसरे त्रिपाठी ने मौके पर पहुँचकर दबंगई व मारपीट शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर अधिवक्ता आलोक कुमार सीओ अभिषेक यादव से मिलने उनके कार्यालय पहुँचे। आरोप है कि वहाँ सीओ अभिषेक यादव व कुख्यात दारोगा रामआसरे त्रिपाठी ने बदसलूकी और हाथापाई की। इन लोगों ने अधिवक्ता आलोक कुमार को फर्जी मामलों में फँसाने की धमकी दी और अपमानित होकर आलोक कुमार किसी तरह वहाँ से भागे। इधर सीओ अभिषेक यादव के इशारे पर लगभग साढ़े 11 बजे दारोगा रामआसरे त्रिपाठी सीओ के वाहन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचा। पुलिस कर्मियों ने वैध निर्माण कर रहे लोगों को मारपीट कर वाहन में बैठाया और राठ कोतवाली ले गये। उनको गलत मुकदमों में फँसाये जाने की आशंका है।
इस प्रकरण में क्षेत्रीय भाजपा विधायक की संलिप्तता की भी चर्चा है। आरोप है कि विधायक गलत दावा कर रहे दबंगों को शह दे रही हैं, साथ ही साठ-गाँठ के चलते राठ सीओ अभिषेक यादव ने पक्षपातपूर्ण व दबंगई भरा कृत्य किया। सीओ की मनमानी और कोतवाली पुलिस की दबंगई से लोगों में दहशत का माहौल है। गलत दावा कर रहे पक्ष के मुस्लिम होने और उसके पक्ष में भ्रष्ट पुलिस कर्मियों द्वारा गलत कार्रवाई करने के कारण क्षेत्र में भारी जनाक्रोश व्याप्त है, साथ ही त्यौहार के मौके पर अप्रिय घटना होने की आशंका है।
बताते हैं कि दारोगा रामआसरे त्रिपाठी भ्रष्टाचार में लिप्त रहता है। वह खुद को थाना प्रभारी से भी ऊपर समझता है। उसके खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न जिलों में कई शिकायतें हैं। इस मामले में रामआसरे दोनों ओर से धन उगाही की फिराक में था। दबंगों की ओर से पैसे वसूलने के बाद पीड़ित पक्ष से भी वह निरन्तर रुपयों की माँग कर रहा था और रुपये न देने पर उनको झूठे मुकदमों में फँसाने की धमकी दे रहा है। विजय बहादुर पूर्व में उसकी शिकायतें कर चुके थे, जिससे बौखलाकर वह उनसे मारपीट कर उनका निर्माण कार्य रुकवा देता था और उनको फर्जी मुकदमों में फँसाकर उनका जीवन बर्बाद करने की धमकी देता था। शनिवार के प्रकरण के बाद विजय बहादुर के अधिवक्ता आलोक कुमार ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अजय कुमार सिंह से फोन पर सम्पर्क कर शिकायत दर्ज करायी।






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