उरई। कालपी के पास अधूरे हाइवे को पूरा करने का काम शनिवार से शुरू कर दिया गया इसके साथ ही सारी अटकलों का अंत हो गया।
विदित हो कि बीते सप्ताह हाइवे पर कालपी बाईपास के निर्माण में बाधा बनी इमारतों को जन सहयोग से जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ध्वस्त कराकर सड़क निर्माण का रास्ता साफ कर दिया था। लेकिन इसी दौरान कई दिन फोरलेन परियोजना का काम बंद हो जाने से तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
शनिवार को इनका अंत करते हुए हाइवे के प्रस्तावित ओवर ब्रिज के दोनों किनारों में सर्विस लेन निर्माण की कवायद फिर तेज हो गई। कार्यदायी संस्था की इंजीनियरों की देखरेख में सर्विस लेन की जमीन से मिटटी हटाने का काम जेसीबी तथा पोकलैंड मशीनों के जरिए शुरू कराया गया।
एनएचआई के जनसंपर्क अधिकारी डीएन त्रिपाठी और सीनियर इंजीनियर महेश कुमार की देखरेख में यमुना नदी कालपी पुल से लेकर गल्ला मंडी तक सड़क को गडढा मुक्त करने के लिए डामरी करण का काम भी शुरू कर दिया गया है। दो किलोमीटर लंबी यह सड़क बरसात के पानी से गडढे और दलदल हो जाने के कारण बदहाल हो गई थी जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था।
उधर बताया गया है कि अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो कालपी बाईपास की अधूरी फोरलेन परियोजना में ओवर ब्रिज का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जायेगा। जबकि ओवर ब्रिज के दोनों तरफ सर्विस लेन का निर्माण 50 दिन के भीतर पूरा हो जायेगा। सूत्रों के मुताबिक अभी तक जो कंपनी काम कर रही थी उसके पास संसाधनों का अभाव था जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने यह कार्य दूसरी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंप दिया है। जिसने 45 से 60 दिन के भीतर सर्विस लेन के निर्माण का वायदा एग्रीमेंट में किया है। यह भी बताया गया है कि प्रस्तावित ओवर ब्रिज 800 मीटर लंबा होगा जिसे क्रास करने के लिए चार स्थानों पर अंडर पास बनाये जायेगें।






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