उरई। औषधि विके्रता परिषद ने ई-फार्मेसी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 28 अगस्त को जारी ड्राफ्ट अधिसूचना के विरोध सहित विभिन्न मांगों को लेकर देश व्यापी कार्यक्रम के तहत सोमवार को बंदी रखकर प्रदर्शन किया।
परिषद के अध्यक्ष शशिकांत निगातिया ने कहा कि सरकार को यह विचार करना चाहिए कि क्या आनलाइन दवा व्यापार से आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद को समय पर दवाओं की उपलब्धता संभव है। महामंत्री बृजेश कुमार पुरवार छुन्ना ने पूंछा दैनिक मजदूर और निम्न आय वाले आम उपभोक्ता जो अपनी हैसियत के मुताबिक दवा खरीदते हैं उन्हें आनलाइन फार्मेसी से कोई सुविधा हो सकती है। कोषाध्यक्ष महेश चंद्र गुप्ता लल्ला ने बताया कि आनलाइन फार्मेसी के विचार से एक लाख से अधिक कैमिस्ट एवं चार लाख कर्मचारी प्रभावित होगें इसलिए इसे स्वीकार्य नही किया जा सकता।

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