उरई। अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) उत्तर प्रदेश रामचन्द्र सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया हैं कि किसान भाई, वर्तमान समय में धान की फसल में मुख्यतः गंधी बग, भूरा फुदका एवं सैनिक कीट के प्रकोप की सम्भावना के दृष्टिगत फसल के नियमित निगरानी के साथ-साथ प्रकोप की दशा में ससमय नियंत्रण करना अति आवश्यक हैं। अतः इन कीटों से बचाव हेतु सुझाव एवं संस्तुतियों को अपना कर फसल को बचाया जा सकता हैं। उन्होने बताया कि गंधी बग- कीट के प्रकोप की दशा में एजाडिरैक्टिन 0.15 प्रतिशत ई0सी0 2.5 ली0 मात्रा प्रति हे0 की दर सं 500-600 ली0 पानी घोलकर छिड़काव अथवा मैलाथियान 5 प्रतिशत अथवा फेनवलरेट 0.04 प्रतिशत धूल की 20-25 किग्रा0 मात्रा का प्रति हे0 की दर से बुरकाव करें, भूरा फुदका कीट- कीट के प्रकोप की दशा में एजाडिरैक्टिन 0.15 प्रतिशत ई0सी0 2.5 ली0 अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एस0एल0 125 मिली0 प्रति हे0 की दर से 500-600 ली0 घोलकर छिड़काव करें, सैनिक कीट- कीट के प्रकोप की दशा में फेनवेलरेट 0.04 प्रतिशत धूल अथवा मैलाथियान 5 प्रतिशत धूल 20-25 किग्रा0 प्रति हे0 की दर से सांयकाल बुरकाव करें।






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