
उरई । दीपावली की आतिशबाजी छूटने के पहले ही जिले की भाजपा में जोरदार धमाके की गूँज सुनाई दी । भाजपा के प्रदेश नेतृत्व द्वारा किए गए तख्तापलट में जिले में संगठन की कमान अप्रत्याशित रूप से उदयन पालीवाल के हाथ से छीनकर नागेंद्र गुप्ता को सौंप दी गई । अपने पहले शक्ति प्रदर्शन में नागेंद्र गुप्ता ने नियुक्ति की घोषणा के बाद जिले में पूरे तामझाम के साथ आमद करके पार्टी में नए उत्साह और ऊर्जा का संचार किया । इस फेरबदल को सन्निकट लोकसभा चुनाव के लिए सांसद भानुप्रताप वर्मा के समीकरण दुरुस्त करने के इरादे से जोड़ कर देखा जा रहा है । कहीं न कहीं पार्टी की ओर से यह इस बात का इशारा है कि लोकसभा चुनाव में इस बार भी चेहरा नहीं बदला जायेगा भले ही पार्टी का एक बड़ा वर्ग और जनमानस इसके इतर सोच रखता हो ।
वैसे भी भाजपा को चुनावी संग्राम के लिए संगठन में तेजतर्रार नेतृत्व का तकाजा था जिसमें बोझिल कार्यशैली की वजह से उदयन पालीवाल मिसफिट साबित हो रहे थे । इसी कारण तमाम वरिष्ठ दावेदारों को दरकिनार कर अपेक्षाकृत अत्यंत युवा नागेंद्र गुप्ता पर भरोसा जताया गया । नागेंद्र अपने आगाज में ही यह भरोसा दिलाने में कामयाब हुए हैं कि पार्टी को जबरदस्त हलचल के साथ चलाने में सक्षम हैं लेकिन उन्हें वरिष्ठों का विश्वास जीत कर उनका सहयोग हासिल करने की चुनौती से अभी पार पाना होगा । इसमें वे कितना फलदायी कौशल दिखा पायेंगे , उनकी सफलता के नंबर मुख्य रूप से इस बात से तय होंगे ।




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