* राजनैतिक दलों के लोगों के साथ बैठक करके प्रशासन ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में मदद मांगी

कोंच-उरई । निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जारी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में बीएलओज के सामने आ रहीं कतिपय तकनीकी दिक्कतों को देखते हुये मतदान कार्य में लगे अधिकारियों ने शुक्रवार को विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं और प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके पुनरीक्षण के कार्य में मदद मांगी है। तहसीलदार भूपाल सिंह ने इन नेताओं से अनुरोध किया है कि वे अपनी अपनी पार्टियों के बूथ कार्यकर्ताओं को बीएलओज के साथ समन्वय स्थापित कर सूचियों को दुरुस्त कराने में सहयोग करें।

शुक्रवार को तहसील सभागार में तहसीलदार भूपाल सिंह की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के लोगों के साथ बैठक संपन्न हुई। तहसीलदार ने कहा कि विधानसभा की मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है लेकिन बीएलओज को नागरिकों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाने के कारण तमाम तकनीकी दिक्कतें आ रहीं हैं जिनकी बजह से पुनरीक्षण कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि राजनैतिक दलों के लोगों का आम जनता से सीधा संपर्क या संवाद होता है लिहाजा वे बीएलओज की मदद कारगर ढंग से कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों की बूथ कमेटियां होती हैं जिन्हें एक एक घर के बारे में अच्छी जानकारी होती है, यदि उन्हें बीएलओज के साथ लगाया जाये तो सूचियों को दुरुस्त करने में सहूलियत रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे सूचियों का अवलोकन कर लें और जहां भी खामियां दिखाई दें, बीएलओज के मार्फत उनका निराकरण करा लें। राजनैतिक दलों ने भी सहयोग करने का भरोसा दिया है। इस दौरान बसपा के जितेन्द्रराय अहिरवार, नईम अहमद, भाजपा के अमित उपाध्याय, नरेश वर्मा, सपा के सरनामसिंह यादव, ताहिर कुरैशी, शबाना बेगम, हरिश्चंद्र तिवारी, शमीम, सलीम, जहूर, कांग्रेस के प्रभुदयाल गौतम, अनिल वैद, श्रीनारायण दीक्षित, सुशीलकुमार रजक आदि मौजूद रहे।

 

महिलाओं के फोटो नहीं देते हैं

मतदाता पुनरीक्षण में लगे बीएलओज के सामने सबसे बड़ी दिक्कत तो यही आ रही है कि जब वे वोट बनाने के लिये घरों में जाकर प्रारूप-6 भर कर किसी महिला या युवती का वोट बनाते हैं और उस महिला या युवती का फोटो उपलब्ध कराने को कहते हैं तो लोग फोटो नहीं देते हैं, साथ ही कई सवाल भी करते हैं कि उन्हें उनकी महिलाओं के फोटो का क्या करना है। ऐसी स्थिति में बीएलओ हालांकि काफी समझा कर बताते हैं कि फोटो परिचय पत्र में लगेगा। उनके समझाने पर कई समझदार लोग फोटो उपलब्ध करा भी देते हैं लेकिन बहुत से लोग साफ मना कर देते हैं। तहसीलदार भूपाल सिंह बताते हैं कि ऐसी स्थिति में पुनरीक्षण कार्य काफी प्रभावित हो रहा है लेकिन राजनैतिक लोगों का सहयोग मिला तो यह समस्या दूर हो जायेगी।

 

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